सलमान खुर्शीदकी पुस्तकपर रोक लगानेसे उच्च न्यायालयने अस्वीकृत किया, हिन्दुत्वकी तुलना ‘आईएसआईएस’ और ‘बोको हरमसे’ करनेपर बढा विवाद
१७ नवम्बर, २०२१
कांग्रेसके वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मन्त्री सलमान खुर्शीदने एक पुस्तक लिखी है, जिसका नाम ‘सनराइज ओवर अयोध्या : नेशनहुड इन आवर टाइम्स’ है । पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है । इस पुस्तकमें खुर्शीदकी हिन्दुओंके प्रति घृणा स्पष्ट देखनेको मिली है । पुस्तकके माध्यमसे उन्होंने हिन्दुत्वकी तुलना आशङ्काप्रद ‘इस्लामिक’ आतङ्की संगठन ‘इस्लामिक स्टेट’ और ‘बोको हरमसे’ की । इसी प्रकरणपर खुर्शीदके विरुद्ध देहली उच्च न्यायालयमें याचिका प्रविष्टकर पुस्तकपर धार्मिक भावनाओंको ठेस पहुंचाते हुए, उसपर रोक लगानेकी मांग की गई, जिसे न्यायालयने अस्वीकृत कर दिया है।
न्यायालयने इस प्रकरणमें बुधवारको सुनवाई करते हुए, एकपक्षीय निर्णय देनेसे मना कर दिया । सलमान खुर्शीदद्वारा लिखी गई विवादित पुस्तकके विरुद्ध हिन्दू सेनाके अध्यक्ष विष्णु गुप्ताने देहली उच्च न्यायालयमें याचिका प्रविष्टकर हिन्दू भावनाओंको आहत करनेके प्रकरणमें ‘सनराइज ओवर अयोध्या’ नामक पुस्तकके प्रकाशन, प्रसार और बिक्रीको रोकनेकी मांग की थी ।
इस प्रकरणमें न्यायालयने अपना निर्णय सुनाते हुए अतिरिक्त न्यायाधीश प्रीती परेवाने पुस्तकपर रोक लगानेसे मना कर दिया । उन्होंने कहा, “प्रथम दृष्टया न्यायालयकी रायमें ऐसा कोई प्रकरण नहीं बनता है कि इसपर एकपक्षीय आदेश दिया जाए; इसलिए इस प्रकरणको अस्वीकृत किया जाता है ।”
कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी, राजनेताओं एवं छायाचित्र निर्माताओंकी हिन्दुत्वका अपमान करनेकी प्रवृत्ति बन चुकी हैं । वामपन्थी समाचार माध्यम और तथाकथित प्रबुद्ध वर्ग, इस प्रवृत्तिको पोषण देनेका कार्य करते है । अब समय आ चुका है कि इस प्रवृत्तिपर रोक लगे, जिससे हिन्दू भी अपने एकमात्र देशमें अपनेको गौरान्वित अनुभव करें । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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