हिन्दू धर्म रक्षणार्थ पाकिस्तानसे देहली आए हिन्दू, ईसाई संगठन अंगूठा लेकर कर रहा इनके साथ धर्मान्तरणका कुकृत्य
२० नवम्बर, २०२१
पाकिस्तानमें कट्टरपन्थियोंसे त्रस्त होकर भारतमें हिन्दू शरणार्थी आज भी ठोकरें खानेको विवश हैं । देहलीके मजनूके टीलेपर बने शरणार्थी शिविरकी वस्तुस्थिति ऐसी है कि उन्हें अन्न-जलके भी लाले पडे हुए हैं । ग्रीष्म ऋतु हो या शीत ऋतु उनके पास विद्युतकी भी सुविधा नहीं है । इन सब मूलभूत समस्याओंके अतिरिक्त एक जो विकट सङ्कट उनके सामने आया है वे ईसाई मिशनरियों और अशासकीय संस्थाओंका है । ये संस्थाएंं भोजन सामग्रियां देने आती हैं; किन्तु उसके स्थानपर चाहती हैं अंगूठा और लोगोंकी समस्त जानकारी । यदि उन्हें यह न मिले तो वह समस्त वस्तुएं ले जाती हैं । अबतक तीन हिन्दू शर्णार्थियोंको ईसाई धर्ममें परिवर्तित कर दिया गया है । शरणार्थियोंने इसपर रोक लगाई; परन्तु इसके पश्चात ईसाई संगठन छद्म व अन्य नामोंसे वहांं सक्रिय हो गए हैं । शिविरमें रहनेवाले शरणार्थी जो अपना धर्म बचानेके लिए भारत आए, उन्हें यहांं आकर रामलीला आयोजन करनेसे मना कर दिया जाता है; परन्तु ‘मिशनरियांं’ उन्हें क्रिसमस मनानेके लिए प्रोत्साहित करती है । भिन्न-भिन्न अशासकीय संगठन इन हिन्दू शरणार्थियोंके नामपर राशि लेते हैं; किन्तु इस धनराशिसे इन लोगोंके उत्थानके लिए क्या किया जाता है ? यह धरातलपर दिखना शेष है । आशङ्का व्यक्त की जा रही है कि ‘साइलेंट कन्वर्जन’का घिनौना षड्यन्त्र रचा जा रहा है । स्थानीय, सभी विपत्तियोंसे त्रस्त होकर शरणार्थी हिन्दू देहली शासनसे याचना कर चुके हैं; किन्तु स्थिति अबतक सुधरते नहीं दिख रही है ।
यह स्थिति दुःखद व चिन्ताजनक है । हिन्दू संगठनों तथा केन्द्र शासनको इस ओर ध्यान देना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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