‘निर्धनताके कारण बने ईसाई, अब जाग्रत हो गए हैं,’ छत्तीसगढमें १२०० लोगोंने हिन्दू धर्ममें किया पुनर्प्रवेश, चरण धोकर किया गया स्वागत


२० नवम्बर, २०२१
       छत्तीसगढमें पत्थलगांंवके खूंंटापानीमें ४०० परिवारके १२०० लोगोंने हिन्दू धर्ममें ‘वापसी’ की है । इन लोगोंको तीन पीढी पूर्व ईसाई बनाया गया था । दो दिनके कार्यक्रममें सहस्रोंकी संख्यामें लोग एकत्रित हुए । यह कार्यक्रम आर्य समाज और हिन्दू समाजद्वारा आयोजित किया गया । इस मध्य ‘भाजपा’के प्रदेश मन्त्री व जशपुर राजपरिवारके प्रबल प्रताप सिंहने कार्यक्रममें सभी लोगोंके पांंव धोकर हिन्दू धर्ममें पुनः स्वागत किया और कहा कि हिन्दुत्वकी रक्षा करना उनके जीवनका एकमात्र संकल्प है । उन्होंने बताया कि घर ‘वापसी’ करनेवाले अधिकांश परिवार बसना सराईपालीके थे ।
         हिन्दू धर्ममें लौटनेवाले परिवारोंने बताया कि लगभग ३ पीढी पूर्व उनके पूर्वजोंका धर्मान्तरण हुआ था । उस समय वे अत्यधिक निर्धन थे और ‘मिशनरियों’की ओरसे खेतीमें आर्थिक सहायता और रोगोंमें उपचारकी सहायता मिलनेके कारण धर्म परिवर्तन किया था; किन्तु अब सभी जाग्रत हो गए हैं । इन सभी लोगोंको २० ‘बसों’में बैठाकर लाया गया था । कार्यक्रममें सुरक्षाके उत्तम प्रबन्ध किए गए थे ।
      प्रत्येक जीव व कण-कणमें अन्तर्निहित सनातन धर्मका परम प्रकाश अधिक समयतक नहींं ढका जा सकता है, योग्य साधनाका अभाव व अर्धमूर्छित विवेक ही धर्मान्तरणके कुचक्रका मूल कारण है । समूचा हिन्दू समाज उक्त अभिनन्दनीय प्रसङ्गसे प्रेरित होकर हिन्दू राष्ट्र स्थापनार्थ कृतिशील रहे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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