ईसाई संगठनने भाडेपर लिए हुए भण्डारको धर्मान्तरण हेतु ‘चर्च’में किया परिवर्तित
३० नवम्बर, २०२१
देहलीके मटियाला क्षेत्रमें भाडेपर लिए गए एक संग्रहालयको ईसाई ‘मिशनरियों’ने ‘चर्च’में परिवर्तित कर दिया । ईसाइयोंद्वारा यहांपर धर्मान्तरण करानेके प्रयास किए जानेका आरोप है । उन्होंने ‘गोदाम’के स्वामीको जानकारी देना भी उचित नहीं समझा । ‘विहिप’के प्रवक्ता विजय शंकर तिवारीने ‘ट्वीट’ किया, “देहलीके मटियालामें तीन लाख रुपए प्रति माहके भाडेपर स्थान लेकर, ईसाइयोंद्वारा धर्मान्तरणका खेल खेला जा रहा था, स्थानीय लोगोंको ज्ञात होनेपर, भूस्वामीने अनुबन्ध निरस्त कर दिया और स्थानीय निवासियोंने ‘मिशनरियों’को भगा दिया । ‘विहिप’के प्रवक्ता विनोद बंसलने अपने एक ‘ट्वीट’ किया, “मटियालामें भण्डारागारको छलसे ‘रातों-रात’ ‘चर्च’का नाम देकर धर्मान्तरणका खेल खेलनेकी अनुमति किसने दी ? वहांपर ‘डींग’ मारनेवाले क्या कर रहे थे ?” स्थानीय लोग इस क्षेत्रमें ‘चर्च’के निर्माणके पक्षमें नहीं थे । ज्ञात होनेपर, भूस्वामीने भाडेका अनुबन्ध निरस्त कर दिया और १५ दिवसके भीतर वहांसे साज-सामग्री हटानेके लिए समयकी चेतावनी दी ।
सनातन धर्मके विरोधी, चाहे मुसलमान हों या ईसाई, छल-बलसे धर्मान्तरण करनेका प्रयास करते हैं, इन्हें रोकने हेतु हिन्दुओंका संगठित होने आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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