हिन्दूवादी संगठनोंकी मथुरा स्थित ‘शाही ईदगाह मस्जिद’में भगवान श्रीकृष्णकी प्रतिमा स्थापित करनेकी घोषणा


२९ नवम्बर, २०२१
 
              हिन्दुवादी संगठनोंने मथुराकी ‘शाही ईदगाह मस्जिद’में आनेवाली ६ दिसम्बरको भगवान श्रीकृष्णकी प्रतिमा स्थापित करनेकी घोषणा की है । अब इसे लेकर प्रशासन अत्यधिक सतर्क हो गया है । समाचारके अनुसार, क्षेत्रमें धारा-१४४ क्रियान्वित कर दी गई है तथा ‘पुलिस’-प्रशासन लोगोंसे ६ दिसम्बरको होनेवाले इस कार्यक्रममें सहभागी न होनेकी विनती कर रहा है । ६ दिसम्बर वही दिन है, जब १९९२ में बाबरी ढांचेको विध्वंस किया गया था । उक्त ‘मस्जिद’ श्रीकृष्णजन्मभूमि मन्दिरके समीप ही स्थित है । ‘धर्मान्ध इस्लामी’ शासक औरंगजेबने मन्दिरको क्षतिग्रस्तकर इसे बनवाया था । वहीं ‘एसएसपी’ गौरव ग्रोवरने जनपदके निवासियोंसे शान्तिपूर्ण स्थिति बनाए रखनेकी विनती की है । उन्होंने कहा कि ‘पुलिस’को सूचना मिली है कि कुछ संगठन ६ दिसम्बरको ‘मस्जिद’तक पद यात्रा करनेकी योजना बना रहे हैं । उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि लोग न्याय व्यवस्थाको अपने हाथमें न लें ! उल्लेखनीय है कि १७ वीं शताब्दीमें मन्दिरको खण्डितकर, अतिक्रमित की गई भूमिपर ही बनाई गई ‘मस्जिद’को हटाने हेतु न्यायालयमें प्रकरण चल रहा है । वहीं ५३ वर्ष पूर्व मन्दिर ‘मस्जिद’ प्रबन्धन समितिद्वारा एक सहमतिपर हस्ताक्षर हुआ था । इसीके आधारपर ‘कौमी-एकता’ मंचने मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथसे ‘मस्जिद’की अतिरिक्त सुरक्षाकी विनती भी की है ।
       इसमें कोई संशय नहीं कि भारतमें अनेक स्थानोंपर हिन्दुओंके तीर्थस्थलों व मन्दिरोंको ही क्षतिग्रस्त कर ही ‘मस्जिदों’का निर्माण किया गया था । अब सभी हिन्दुओंको संगठित होकर न्यायिक मार्गसे ही ऐसे प्रकरणोंका विरोधकर, अपने गौरवको पुनः स्थापित करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution