मुंबईके सिद्धिविनायक मन्दिरमें भक्तोंसे ठगी, ‘ऑनलाइन बुकिंग ऐप’के माध्यमसे ‘घोटालेबाज’ ले रहे हैं अनैतिक रूपसे धन, ऐसे हुआ ‘घोटाले’का रहस्योद्घाटन 


०१ दिसम्बर, २०२१
      ‘कोविड’-१९ महामारीके मध्य, ‘घोटालेबाज’ लोगोंकी श्रमसे अर्जित धनोपार्जनको लूटनेके लिए भिन्न-भिन्न उपाय ढूंढ रहे हैं । ऐसे ही एक ‘घोटाले’का रहस्योद्घाटन मुंबईके सिद्धिविनायक मन्दिरमें, महाराष्ट्रके चिकित्सक अमित थधानीने किया है । एक ‘ट्वीट थ्रेड’में, थधानीने बताया कि कैसे मन्दिरके बाहर खडे ‘घोटालेबाज’ मन्दिरमें दर्शनके लिए लोगोंसे प्रति व्यक्ति ३०० रुपएतक धन ले रहे हैं, जो कि निःशुल्कमें होना चाहिए था ।
      सिद्धिविनायक मन्दिर न्यासने वर्तमानमें एक ‘मोबाइल ऐप लॉन्च’ किया है, जिसके माध्यमसे भक्त दर्शनके लिए ‘बुकिंग’ कर सकते हैं । इसका उद्देश्य जनसमूहको नियन्त्रित करना है, जिससे ‘कोविड’के प्रसारकी आशंकाको न्यून किया जा सके । यदि कोई दर्शन करना चाहता है, तो पूर्व ‘ऑनलाइन बुकिंग’ अनिवार्य है । उन्होंने कहा, “सभी शासनद्वारा नियन्त्रित मन्दिरोंकी भांति, यहां ‘ऑनलाइन’ दर्शनमें भी एक घोटाला चल रहा है ।”
      थधानीने कहा कि वह कुछ सम्बन्धियोंके साथ मन्दिर गए थे, जहां एक व्यक्तिने उनसे सम्पर्क किया, जो फूलोंकी एक आपणीके बाहर खडा था । उस व्यक्तिने उन्हें बताया कि यह दर्शन केवल पूर्व ‘ऑनलाइन बुकिंग’से ही सम्भव है । उसने कहा कि वह धन लेकर त्वरित उनके लिए ‘ऑनलाइन पास’की व्यवस्था कर सकता है ।
     ‘ऑपइंडिया’की जांचमें थधानीने अपने ‘थ्रेड’में जो कहा वह उनकेद्वारा ‘ऐप’की जांचमें भी सत्य पाया गया । ऐसी कई दूसरे सूत्रोंने भी बताया गया है कि उन्हें मन्दिरके बाहर वे ‘घोटालेबाज’ मिले जो ‘स्लॉट’ खुलतेही सभी स्थान ‘बुक’ कर लेते हैं और भक्तोंसे दर्शनके लिए मनमाना शुल्क लेते हैं ।
       यह धर्मका ही ह्रास है कि लोग देवालयमें भी ठगना नहीं छोड रहे हैं । हिन्दुओंको भी दर्शन जैसे किसी कार्यके लिए जहांतक सम्भव हो, धन देकर दर्शन लेनेसे बचना चाहिए । भगवानके मन्दिरमें सामान्य भक्त बनकर की दर्शन करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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