‘यूएई’में सार्वजनिक स्थानमें ‘नमाज’पर २०,००० रुपएका अर्थदण्ड, ‘द गार्डियन’के लिए मुसलमान पीडित और हिन्दू उत्पाती, सडकोंको बता रहा ‘नमाज साइट्स’


०९ दिसम्बर, २०२१
      हरियाणाके गुरुग्राममें गत कई दिनोंसे सार्वजनिक स्थलोंपर ‘नमाज’ पढे जानेका विरोध हो रहा है । सडक ‘जाम’ करके सैकडोंकी संख्यामें ‘नमाज’ पढनेवाले मुसलमान ‘मीडिया’की दृष्टिमें पीडित हैं, वहीं असुविधा होनेके कारण विरोध करनेवाले स्थानीय लोग ‘हिन्दू कट्टरवादी’ । ‘द गार्डियन’ने तो शासकीय स्थलोंको ‘नमाज साइट्स’ घोषित कर दिया है और हिन्दुओंपर ‘फूट डालने’का आरोप लगा दिया है । अन्तरराष्ट्रीय ‘मीडिया’ संस्थान कह रहा है कि गुरुग्राम अब ‘धार्मिक युद्धक्षेत्र’ बन गया है ।
      ‘द गार्डियन’द्वारा इस लेखमें स्थानीय लोगोंको ‘हिन्दू राष्ट्रवादी भीड’ घोषित करते हुए बताया गया है कि वे सामान्यतः भगवा वस्त्रोंमें रहते हैं । साथ ही ‘जय श्रीराम’ और देशभक्तिके उद्घोषको भी कट्टरवादी बताकर प्रस्तुत किया गया है । इस लेखमें ‘द गार्डियन’ ये मान रहा है कि ये ‘कार पार्किंग’का स्थान है; किन्तु उसे एक दशकसे भी अधिक समयसे यहां ‘जुमे’की ‘नमाज’ पढे जानेसे कोई समस्या नहीं और स्थानीय लोग विरोध करें तो समस्या है । इसपर भी दुःख प्रकट किया गया है कि १५ लाखकी जनसंख्यावाले इस नगरमें ‘केवल १३’ ‘मस्जिद’ हैं ।
      उधर ‘यूएई’में जहांका आधिकारिक ‘मजहब’ ही इस्लाम है और वहांकी ९० प्रतिशत जनसंख्या सुन्नी मुसलमान है । यहांपर सडक किनारे ‘नमाज’ पढने और अर्थदण्डका भी प्रावधान है । इसके लिए दिरहम १००० (२०,४८४ रुपए) का अर्थदण्ड देना पड सकता है । अबुधाबी ‘पुलिस’ने इसके लिए जाग्रति अभियान भी चलाया; क्योंकि इससे ‘ट्रैफिक’की समस्या बढ जाती है ।
      ‘द गार्डियन’ जैसे ‘मीडिया’के कारण ही भारतमें जिहादको प्रोत्साहन मिल रहा है । राज्य शासन ऐसे अप्रमाणित तथ्योंको प्रकाशित करनेवाली ‘मीडिया’के विरुद्ध करवाई करे और ‘यूएई’ जैसे देशसे सीख लेकर, सार्वजनिक स्थानपर ‘नमाज’ पढनेवालोंपर कठोर करवाई करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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