‘गांधीका भारत गोडसेमें परिवर्तित हो रहा’, ‘किक्रेट’को माध्यम बनाकर महबूबा मुफ्तीने पुनः उडेला पाकिस्तानके लिए प्रेम


०७ दिसम्बर, २०२१
       जम्मू-कश्मीरकी पूर्व मुख्यमन्त्री और ‘पीडीपी’ प्रमुख महबूबा मुफ्तीका पाकिस्‍तान प्रेम किसीसे छुपा नहीं है । इस बार उन्होंने दो २ माह पूर्व (अक्टूबर २०२१) भारत-पाकिस्‍तानके मध्य हुए ‘टी’-२० प्रतियोगिताका उल्लेखकर मोदी शासनपर आक्रमण किया है । महबूबाने मंगलवारको (७ दिसम्बर २०२१) कहा कि ऐसा लगने लगा है कि महात्‍मा गांधीका भारत, गोडसेके भारतमें परिवर्तित हो रहा है ।
      जम्‍मू-कश्‍मीरकी पूर्व ‘सीएम’ने कहा, “मुझे वाजपेयीजीके ‘दौर’में भारत और पाकिस्तानके मध्य एक ‘क्रिकेट’ प्रतियोगिता स्मरण है, जहां पाकिस्‍तानके नागरिक भारतके लिए उद्घोष (जयकार) कर रहे थे । वहीं, भारतके नागरिक पाकिस्तानके लिए उद्घोष कर रहे थे ।”
     मुफ्तीने कहा कि एक प्रतियोगितामें तो पाकिस्‍तानके पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफने पूर्व भारतीय ‘कप्तान’ एमएस धोनीकी प्रशंसा भी की थी । इस मध्य उन्होंने आगराकी घटनाके विषयमें भी बात की, जहां ‘टी’-२० ‘विश्व कप’में पाकिस्तानसे भारतकी पराजयके पश्चात भारत विरोधी उद्घोष लगानेके आरोपमें तीन पाकिस्तानी समर्थकोंको बन्दी किया गया था । उन्होंने कहा कि उस समय उन युवाओंका पक्ष लेनेको कोई भी अधिवक्ता (वकील) सिद्ध (तैयार) नहीं हुआ । ऐसेमें लगता है कि गांधीका भारत गोडसेके भारतमें परिवर्तित हो रहा है ।
      बता दें कि २४ अक्टूबर २०२१ को पाकिस्तानकी विजयके पश्चात अनेक स्थानोंसे ऐसे समाचार आए थे कि वहां कुछ लोगोंने ‘बम-पटाखे’ फोडे और पाकिस्तानके लिए उद्घोष बुलन्द किए । इसी क्रममें ‘यूएपीए’ (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) और ‘आईपीसी’की अन्य धाराओंके अन्तर्गत श्रीनगरमें ‘कश्मीरी’ छात्रोंके विरुद्ध घटना प्रविष्ट किए गए थे । इसके अतिरिक्त उदयपुरके नीरजा मोदी विद्यालयमें भी एक नफीसा नामकी शिक्षिकाके विरुद्ध कार्रवाई हुई थी ।
       गांधीका भारत यदि अत्याचारके विरोधके स्थानपर, दूसरा गाल आगे करनेको कहे, वहीं गोडसेका भारत, देशहितमें शस्त्र उठानेको सिद्ध हो, तो हिन्दुओंको स्वयं सोचना चाहिए कि उन्हें कौनसा भारत चाहिए ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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