‘आईएसआई’ प्रमुख और ‘खालिस्तानी’के साथ राकेश टिकैतका चलचित्र वार्तालाप (कॉल)


०६ दिसम्बर, २०२१
         प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदीद्वारा तीन कृषि विधानोंको निरस्त करनेकी घोषणाके पश्चात उसपर चर्चा करनेके लिए, २२ नवम्बर २०२१ को ‘कौर (कोर) किसान’ नामके एक संगठनकी ओरसे अन्तरराष्ट्रीय ‘वेबिनार’ आयोजित किया गया । इसमें ‘बीकेयू’के प्रवक्ता राकेश टिकैतके अतिरिक्त कई ‘खालिस्तानी’ भी सम्मिलित हुए ।
         इस ‘वेबिनार’में टिकैतके अतिरिक्त ‘खालिस्तानी’ समर्थक मो धालीवाल, ‘आईएसआई’का आतङ्की पीटर फ्रेडरिक, मोनिका गिल, प्रीत कौर गिल, आसिस कौर, क्लाउडिया वेबबे समेत कई अन्य भी इसमें सम्मिलित थे । ये सभी यहांंपर किसान आन्दोलनकी आडमें देश विरोधी गतिविधियोंको ‘भडका’ रहे थे । ‘जूम’ सत्रमें ‘कौर’ने टिकैतको एक ‘हीरो’के रूपमें प्रस्तुत किया । टिकैतने पुनः आन्दोलनको चलाए (जारी) रखनेका राष्ट्र विरोधी वक्तव्य दिया ।
        भारत शासनद्वारा इस कथित आन्दोलनके सम्बन्धमें व्यवहारमें लाई जा रही उदारताको आन्दोलकारी गम्भीरतासे नहीं ले रहे हैं; अतः ‘दुष्टके साथ दुष्टता’वाली नीति ही अपनाई जानी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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