छद्म प्रमाणपत्रोंके आधारपर अतिसंवेदनशील कोच्चि ‘शिपयार्ड’में चाकरी करता अफगान नागरिक अब्बास खान बनाया गया बन्दी


१० दिसम्बर, २०२१
            केरलके कोच्चिमें अति सुरक्षित क्षेत्रमें छद्म प्रमाणपत्रोंके आधारपर चाकरी करनेवाला अफगानिस्तानके नागरिकको बन्दी बनाया गया है । इसके पश्चात अब चकित कर देनेवाले तथ्य उजागर हुए हैं । ‘पुलिस’ एवं गुप्तचर विभागकी पूछताछमें उन्हें  ज्ञात हुआ है कि अफगानिस्तानका यह नागरिक अब्बास खान छद्म प्रमाणपत्र बनवाकर स्वयंको भारतीय नागरिक दिखाया करता था और इसी आधारपर उसने चाकरी प्राप्तकी थी । ‘न्यू इंडियन एक्सप्रेस’के समाचारके अनुसार, जांचमें यह भी ज्ञात हुआ है कि अब्बासने सर्वप्रथम छद्म ‘स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट’ बनवाया था, जिसके लिए उसने असमके एक व्यक्तिको २० सहस्र रुपए दिए । इसी प्रमाण-पत्रके (सर्टिफिकेटके) आधारपर उसने आधार ‘कार्ड’ और ‘पैनकार्ड’ भी बनवाया । इनके माध्यमसे उसने भारतके अतिसंवेदनशील क्षेत्रमें कार्य प्राप्त कर लिया । वहीं असममें रहनेवाला ३२ वर्षीय अबू बकरने प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु इसकी सहायताकी थी । अभिकरणोंद्वारा उसे बन्दी बना लिया गया था एवं गत २० नवम्बरको न्यायालयसे उसे प्रतिभूति (जमानत) प्राप्त हुई है । अब्बास २०१९ से ‘शिपयार्ड’में चाकरी कर रहा था । वह ‘मेडिकल वीजा’के आधारपर अफगानिस्तानसे भारत आया था । उसकी मां असममें रहनेवाली है तथा उसने अफगानिस्ताके नागरिकसे विवाह किया था तथा अफगानिस्तान चली गई थी ।
        नित्य उजागर होते ऐसे प्रकरण स्पष्ट करते हैं कि भारतकी भूमिपर अनेक स्थानोंपर जिहादी छद्म नाम लिए कार्यरत हैं । अब ऐसे व्यक्तियोंको देशसे बाहर करने हेतु न्यायिक जांच एवं उचित कार्यवाही अतिआवश्यक; अन्यथा परिणाम घातक सिद्ध हो‌ सकते हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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