‘छातीमें चाकू मार दिया आगेसे नहीं, पीछेसे’, हिन्दू एवं हिन्दुत्ववादीको परिभाषित करनेमें राहुल गांधीका भाषण बना व्यंग्यात्मक कार्यक्रम
१२ दिसम्बर, २०२१
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीदकी पुस्तकमें हिन्दुत्वकी तुलना आतड्की संगठन ‘आईएसआईएस’ और ‘बोको हराम’से करनेके पश्चात उपजे विवादपर दलके पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधीद्वारा हिन्दू और हिन्दुत्वमें भिन्नता बतानेके पश्चात, अब उन्होंने एक बार पुनः दोनोंको परिभाषित किया है । उन्होंने कहा कि हिन्दुत्ववादी पीछेसे पीठमें चाकू मारता है; यद्यपि हिन्दू आगेसे । राजस्थानकी राजधानी जयपुरकी जनसभामें (रैलीमें) रविवारको (१२ दिसम्बरको) बोलते हुए राहुल गांधीने कहा कि २०१४ से सत्तामें हिन्दुत्ववादी बैठे हैं और इन्हें सत्तासे बाहर करना है ।
जनसभाको सम्बोधित करते हुए राहुल गांधीने कहा, “किसानोंकी जो आत्मा है, उनका जो दिल है, छातीमें चाकू मारा । भाइयों और बहनो, आगेसे नहीं, यूं नहीं (चाकू मारनेकी प्रक्रिया बताते हुए), यूं (एक सुरक्षाकर्मीके पीछे जाकर चाकू मारनेका सङ्केत करते हुए) । आगेसे नहीं, पीछेसे । क्यों ? क्योंकि वे हिन्दुत्ववादी हैं । हिन्दू यदि मारता तो आगेसे मारता । हिन्दुत्ववादी है तो पीछेसे मारेगा ।”
राहुल गांधीने हिन्दू और हिन्दुत्वके मध्य भिन्नताको बताते हुए कहा कि हिन्दूवादी सत्यके लिए मरता है; किन्तु हिन्दुत्ववादियोंको सत्यसे कोई लेना-देना नहीं होता । उन्होंने कहा कि एक हिन्दूके लिए सत्य उसका पथ होता है । वह आजीवन सत्यकी खोजमें रहता है और सत्यके लिए ही मरता है । उन्होंने कहा, “मैं हिन्दू हूं; किन्तु हिन्दुत्ववादी नहीं हूं । महात्मा गांधी हिन्दू थे और गोडसे हिन्दुत्ववादी था ।”
यद्यपि आज इस वक्तव्यको लेकर राहुल गांधी उपहासके पात्र बन रहे हैं; किन्तु हिन्दुओंके देशमें, वह हिन्दुओंके सामने, हिन्दुत्वकी निन्दा कर रहा है और हिन्दू सुनकर तालियां बजा रहे हैं ! यह अत्यन्त दुःखद है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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