२ विवाह कर चुका रंगभरिया अर्थात चित्रकार आसिफ तीसरी युवती शालूसे चाहता था यौनाचार, मना करनेपर फरीदाबादके जंगलोंमें मार डाला


१६ दिसम्बर, २०२१
देहलीके देशबंधु गुप्त मार्ग ‘थाने’की ‘पुलिस’ने आसिफ नामके एक व्यक्तिको बन्दी बनाया है, जिसने अपनी प्रेमिका शालूको पहले छद्म प्रेमके जालमें फंसाया तत्पश्चात शारीरिक सम्बन्ध नहीं बनानेपर देहलीसे फरीदाबादके सूरजकुंडके जंगलोंमें गला घोंटकर हत्या कर दी । प्रकरणमें मध्य जनपद ‘पुलिस’ने उत्तर प्रदेशके बरेली जनपदके मीरगंजके गांव हल्दीखुर्दके रहनेवाले आसिफको बन्दी बनाया है । घटना फरीदाबादकी है ।
      सूचनाके अनुसार, आरोपितकी पूर्वमें ही दो विवाह हो चुके हैं । वह देहलीमें रंगभरियाका कार्य करता है । मध्य जनपद ‘पुलिस’ अधीक्षक श्वेता चौहानके अनुसार, १० दिसम्बरकी रात्रि एक महिलाने देशबंधु गुप्त मार्ग ‘थाना’ पहुंचकर बताया कि उनकी २० वर्षीय बेटी ‘पार्क रोड’ अजमल खान क्षेत्रमें कार्य करती है । प्रातः कार्यपर गई थी; किन्तु लौटकर नहीं आई ।
      ‘पुलिस’को जांचमें पता चला कि आसिफकी युवतीसे मित्रता थी । उसने विवाहित होनेके विषयमें नहीं बताया था । वह युवतीसे शारीरिक सम्बन्ध बनाना चाहता था; किन्तु युवती उससे विवाह करना चाहती थी । ऐसेमें १० दिसम्बरको उसने विवाहकी बात करनेके लिए उसे बुलाया । १० दिसम्बरकी रात्रिको ही युवतीको दोपहिया वाहनपर फरीदाबादके एक विश्रामालय ले गया । वहां रात्रिभर दोनोंके मध्य झगडा हुआ ।
अगले दिन वह युवतीको सूरजकुंड क्षेत्रमें निर्जन स्थानपर ले गया । वहांपर उसने युवतीकी गर्दनपर चाकूसे आक्रमण किया । युवतीके विरोधके मध्य चाकू गिर गया । इसके उपरान्त दुपट्टेसे ही उसका गला घोंटकर भाग खडा हुआ । पूछताछके मध्य पता चला कि रंगभरियाका कार्य करनेवाला आसिफ, उस सन्ध्या युवतीके साथ उपस्थित था । १२ दिसम्बरको उसके भ्रमणभाषका स्थान भी उस स्थानका मिला, जहां शव प्राप्त हुआ था । इसके उपरान्त ‘पुलिस’ने आसिफको बन्दी बना लिया ।
       देशका कोई भी भाग हो जिहादी छद्मवेष धारणकर हिन्दू युवतियोंका जीवन नरक बना रहे हैं । निद्रस्थ हिन्दुओंको न अपने धर्मसे कोई लेना देना है और न ही उसे अपनी भावी पीढीके भविष्यकी कोई चिन्ता है । धर्मविहीन राजनीतिने देशकी प्रशासनिक व्यवस्थाको पंगु बना दिया है । युवापीढीके उज्ज्वल भविष्यके लिए हिन्दूराष्ट्र कितना आवश्यक है ? यह दिन-प्रतिदिनकी तथा उपर्युक्त घटनासे जान पडता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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