कश्मीरमें ‘टीआरएफ’ने ३० मिनिटके अन्तरालसे करवाई दो आतङ्की घटनाएं, एक ‘पुलिसकर्मी’ हुतात्मा एक नागरिककी मृत्यु
२३ दिसम्बर, २०२१
बुधवार, २२ दिसम्बर २०२१ को श्रीनगरके नागरिक रउफ अहमदको आतङ्कवादियोंने गोली मार दी । वह स्वयं पूर्वमें आतङ्कवादी था । कालान्तरमें आत्मसमर्पण कर ‘प्रॉपर्टी डीलर’का कार्य कर रहा था ।
इसके लगभग आधे घण्टे पश्चात अनंतनाग जनपदके बिजबेहरा ‘थाने’के ‘एएसआई’ अशरफको आतङ्कवादियोंने चार गोलियां मार दीं । चिकित्सालय ले जाते हुए उसकी मृत्यु हो गई ।
राज्यमन्त्री नित्यानन्द रायने बुधवारको ही सदनमें बताया था कि कश्मीरमें अल्पसङ्ख्यक समुदायपर आक्रमण हो रहे हैं, जो सीमा पारसे प्रायोजित हैं । इनमें न्यूनता अवश्य आई है । वर्ष २०१८ में आतङ्कवादी घटनाएं कुल ४१७ हुई थीं, जो २०२१ में २०३ हुईं । पाकिस्तानका ‘लश्कर-ए-तैयबा’ ‘टीआरएफ’का आवरण ओढकर यह करवा रहा है ।
कश्मीरकी इस समस्याके पीछे पाकिस्तान ही है और पाकिस्तानका सम्पूर्ण विनाश ही इस समस्याका हल है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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