‘जिन्नाने भारतको स्वतन्त्र कराया, उनसे मात्र एक ही उपालम्भ’, महबूबा मुफ्तीने कहा, “अंग्रेजोंके पादत्राण चखनेवाले राष्ट्रभक्ति सीखा रहे”
२२ दिसम्बर, २०२१
‘पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी’की (PDP की) प्रमुख और जम्मू-कश्मीरकी पूर्व मुख्यमन्त्री महबूबा मुफ्तीने एक बार पुनः विवादित वक्तव्य दिया है । जम्मूमें एक समागमनको सम्बोधित करते हुए महबूबाने केन्द्र शासनपर लक्ष्य साधते हुए कहा, “वे लोग कहते हैं जिन्नाने राष्ट्रको विभाजित किया; किन्तु राष्ट्रमें ऐसे सहस्रों जिन्ना मिल जाएंगे, जो न केवल भूमि; अपितु लोगोंको भी विभाजित कर रहे हैं । ये वे लोग हैं, जिनका राष्ट्रकी स्वतन्त्रतामें कोई योगदान नहीं रहा । वे ‘अंग्रेजों’के पादत्राण चख रहे थे और वर्तमानमें वे हमें राष्ट्रभक्ति सिखाते हैं । जिन्नाने जवाहरलाल नेहरू, गांधी, सरदार पटेल, सैय्यद अहमद खान और अंबेडकरके साथ स्वतन्त्रता सङ्ग्राम लडा और भारतको स्वतन्त्र कराया; परन्तु हमें एक उपालम्भ है कि उन्होंने हमारे राष्ट्रको विभाजित किया और हम वर्तमानमें उनका नाम लेनेसे विमुख होते हैं ।”
उन्होंने प्रतिवाद किया कि कुछ दिवस पूर्व ही पाकिस्तानमें ‘मॉब लिंचिंग’ हुई, तो प्रधानमन्त्री इमरान खान इसके विरुद्ध सामने आए, इसके विपरीत भारतमें लोगोंको इसी प्रकारके अपराधोंके लिए ‘सम्मानित’ किया जाता है ।
महबूबा मुफ्तीको जिन्ना तथा इमरान खान यदि इतने ही श्रेष्ठ लगते है, तो वे पाकिस्तान क्यों नहीं चली जाती ? वस्तुतः वे जिन्नापर वक्तव्यके माध्यमसे अपने समुदायसे उस प्रेमको दर्शा रही है, जो राष्ट्रप्रेमसे ऊपर है । ऐसे नेताओंपर तीक्ष्ण दृष्टि रखनी आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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