जावेदने मुन्ना बनकर हिन्दू युवतीसे किया दुष्कर्म, कानपुर न्यायालयने ‘लव जिहाद’के प्रकरणमें सुनाया प्रथम दण्ड, १० वर्षका कारावास, ३० सहस्र का अर्थदण्ड


२१ दिसम्बर, २०२१
         ‘लव जिहाद’के प्रसङ्ग नित्य सुननेमें आते हैं, ऐसा करनेवाले आरोपितोंको पकडा भी जाता है; परन्तु उत्तर प्रदेशमें प्रथम बार ‘लव जिहाद’के आरोपितको दण्ड सुनाया गया है । कानपुर जनपद न्यायालयने इस प्रकरणमें निर्णय सुनाते हुए आरोपित जावेद उपाख्य मुन्नाको १० वर्षका दण्ड और ३० सहस्र (हजार) रुपएका अर्थदण्ड (जुर्माना) भी लगाया है । इसके अतिरिक्त न्यायालयने क्षतपूर्तिके रूपमें पीडिताको २० सहस्तर रुपए देनेका आदेश दिया है । आरोपितने अपना वास्तविक अभिज्ञान (पहचान) छुपाकर हिन्दू नाम मुन्ना रखा था और कानपुरके जूही थाना क्षेत्रकी रहनेवाली हिन्दू युवतीको विवाहका प्रलोभन देकर, अपने साथ भगाकर ले गया था । तत्पश्चात उसके साथ दुष्कर्म भी किया था । आरोपितने युवतीपर धर्मान्तरण करानेकी बाध्यता भी की थी । यह घटना १५ मई २०१७ की है ।
         पुत्रीके घरसे अकस्मात लुप्त होनेके उपरान्त चिन्तित परिजनने जूही थानेमें इसका परिवाद किया । ‘पुलिस’ने भी त्वरित कार्यवाही करते हुए दूसरे दिवस ही आरोपितको पकड लिया तथा युवतीको उसके परिवारतक पहुंचा दिया । इस प्रकरणमें ‘पुलिस’ने पीडिताकी मांके परिवादपर आरोपितके विरुद्ध ‘पॉक्सो एक्ट’ (POCSO) और दुष्कर्मका अभियोग प्रविष्ट किया था ।
       अपराधियोंको जबतक दण्डका भय नहीं होगा, तबतक उनपर अङ्कुश लगाना कठिन है । योगी शासनने एक आदर्श शासनका उदाहरण प्रस्तुतकर अपराधियोंके मनमें तो भयका निर्माण किया ही है, साथ ही अपने राज्यकी ‘पुलिस’का भी मनोबल बढाया है । अन्य राज्यकर्ता भी यदि इस प्रकार धर्मान्धोंके विरुद्ध सक्रियतासे कार्यवाही करें तो हिन्दू बेटियां सुरक्षित रह पाएंगी । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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