भरूचके ३७ परिवारका इस्लाममें धर्मान्तरण, प्रलोभन देनेवाले ४ भागे हुए आरोपित पहुंचें उच्च न्यायालय, प्राथमिकी निरस्त करनेका अनुरोध
२६ दिसम्बर, २०२१
गुजरातके भरूचमें बहुचर्चित सामूहिक धर्मान्तरणके प्रकरणमें ६ अन्य दोषियोंको बन्दी बनाया गया है । वहीं, प्रकरणमें भागे हुए चार दोषियोंने प्राथमिकी निरस्त करानेके लिए गुजरात उच्च न्यायालयका मार्ग अपनाया है । उनपर विदेशी धन प्राप्त करने और क्षेत्रमें आदिवासियोंको इस्लाममें परिवर्तित करनेके लिए इसका उपयोग करनेके आरोप लगाए गए हैं ।
वर्ष २०१८ में ३७ आदिवासी परिवारको अच्छा वेतन, धन, विवाहका प्रलोभन आदि देकर इस्लाममें धर्मान्तरित कर दिया गया था । इस्लाममें धर्मान्तरित होनेके पश्चात सलमान पटेल नाम रखनेवाले प्रवीण वसावाने बताया, “हमें सिखाया गया था कि हिन्दू धर्म नामका कोई धर्म नहीं है और इस्लाम ही सच्चा पन्थ है ।” उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगोंको २०१८ में पुनः इस्लाममें धर्मान्तरित किया गया था, उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी गई थी कि उनके अभिज्ञान-पत्र (पहचान पत्र) भी परिवर्तित कर दिए जाएंगे । आदिवासी निर्धन हैं । यदि कोई कुछ अनाज देता है तो हम मानते हैं कि वे अच्छे लोग हैं । यही कारण है कि लोग धर्म परिवर्तनका प्रलोभन देते हैं ।” इस घटनामें आमोद ‘पुलिस’ने १५ नवम्बर २०२१ को ‘गुजरात फ्रीडम फॉर रीलिजन बिल’के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया था ।
मुसलमानों तथा ईसाइयोंद्वारा विदेशोंसे आनेवाली धनराशिका उपयोग आदिवासियोंके धर्मान्तरण हेतु अविरत किया जा रहा है । इसपर रोक लगाने तथा इन वनवासियोंमें भी धर्माभिमान जगानेकी आवश्यकता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply