२ चचेरी बहनोंका दरभंगासे अपहरण, बलपूर्वक धर्मान्तरण और विवाहका प्रकरण, आरोपित शाहिद और गालिब कोलकातासे बनाए गए बन्दी


२४ दिसम्बर, २०२१
         यह बिहारके दरभंगा जनपदमें २ चचेरी बहनोंका अपहरण करके उनका धर्मान्तरण करनेका प्रकरण है । यह घटना १५ दिसम्बरको (बुधवारको) सिंहवाडा ‘थाना’ क्षेत्रमें घटित हुई । परिवादमें इसे ‘लव जिहाद’ बताया गया है । आरोपित हयातपुर ग्रामके मोहम्मद गालिब और मोहम्मद शाहिद हैं । ‘मीडिया’ विवरणके अनुसार, आरोपितोंने दो चचेरी बहनोंका अपहरण कर लिया था । परिवादके अनुसार, युवतियां सीवनका (सिलाईका) कार्य सीखती थीं । उन्हें मार्गसे ही उठा लिया गया था । इस घटनाका परिवाद पीडिताकी मांने प्रविष्ट करवाया था । प्रकरणकी जानकारी होनेपर हिन्दू संगठनोंने विरोध प्रदर्शन आरम्भ कर दिया था । प्रकरणको बढता देखकर ‘पुलिस’ने दोनों युवतियोंका पता लगाया । हिन्दू संगठनोंने प्रतिवाद किया है कि युवतियोंको कोलकाताके सोनागांछी क्षेत्रसे प्राप्त किया गया है । यह स्थान वेश्यावृत्तिके लिए प्रसिद्ध है ।
         प्रथम युवतीकी मांने ‘मीडिया’को बताया, “युवतियोंसे विवाह करके उनका धर्म परिवर्तन किया जा चुका है । युवतीकी आयु १९ वर्ष है । हम लोग ब्राह्मण हैं ।” दूसरी युवतीकी मांने कहा, “मेरी पुत्रीने कक्षामें जानेका बताया था तथा ४ बजे लौटनेको कहकर निकली थी । जब वह लौटकर नहीं आई, तो हमने उसका पता लगाना आरम्भ किया । उसकी आयु २० वर्ष है । मेरी पुत्री बता रही है कि वह मुसलमान बन चुकी है ।” बन्दी बनाए गए दोनों आरोपितोंपर धारा-३६३ और ३६५ भारतीय दण्ड संहिताके अन्तर्गत कार्यवाही हुई है । प्रार्थनापत्रमें ‘लव जिहाद’का उल्लेख किया गया है ।”
        हिन्दू युवतियोंको ‘लव जिहाद’के दुष्परिणामोंको समझकर धर्मान्धोंके षड्यन्त्रोंसे सतर्क रहना अत्यावश्यक है । हिन्दू अभिभावकोंका भी यह दायित्व है कि वे आरम्भसे ही अपनी कन्याओंको इससे अवगत कराएं और दुष्टोंका सामना करने हेतु स्वरक्षा प्रशिक्षणके लिए भी प्रेरित करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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