जय श्रीरामका उद्घोष करनेवाले अहसानको डराया, मुसलमान समुदायसे सामाजिक बहिष्कार, मित्र-परिवारने छोडा साथ
०२ जनवरी, २०२२
योगी आदित्यनाथकी सभामें जय श्रीरामका उद्घोष करनेवाले सहरानपुरके अहसान रावको अब मुसलमान समुदायसे सामाजिक बहिष्कार झेलना पड रहा है । उनके मित्रों और सगे-सम्बन्धियोंने उनसे मुख फेर लिया है । यहांतक कि अब उनको डरानेके ‘कॉल’ आ रहे, जिसमें उन्हें ‘गैर’ मुसलमान बताया जा रहा । यह जनसभा २ दिसम्बर २०२१ को हुई थी, जिसमें अमित शाह भी सम्मिलित थे ।
समाचार प्रतिवेदनके अनुसार अहसानने कहा है, मैंने आवेशमें ये उद्घोष कर दिया था । मुझको पता भी नहीं था कि उनकी कोई ‘रिकार्डिंग’ कर रहा है । मुझे यह उद्घोष लगानेका कोई पश्चाताप भी नहीं है । अहसान रावकी उम्र लगभग २२ वर्ष है और वह किसान है ।
अहसानको जीवनका सङ्कट है । उसको भयभीत किया जा रहा है । उन्होंने कहा था कि राम उनके पूर्वज हैं और वह रामका वंशज है । साथ ही यह भी कहा था कि उन्हें जय श्रीराम बोलनेमें या भारत-माताकी जय बोलनेमें कोई आपत्ति नहीं है ।
उपर्युक्त प्रकरणसे यह स्पष्ट होता है कि जिहादियोंमें कितनी सहिष्णुता है । क्या धर्मनिरपेक्षता रूपी उपनेत्र लगाए तथाकथित बुद्धिजीवी और राजनेता इस प्रकरणपर कुछ बोलेंगे ? – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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