कर्नाटक महिला महाविद्यालयकी मुसलमान छात्राएं कक्षामें ‘हिजाब’ पहननेपर अडीं, किया कक्षाका बहिष्कार, प्राचार्यने कहा, हो एकरूपता
०२ जनवरी, २०२२
उडुपी जनपदके शासकीय महिला महाविद्यालयकी ६ मुसलमान छात्राएं इस्लामके प्रतीक ‘हिजाब’को पहनकर कक्षामें बैठनेकी इच्छुक हैं । महाविद्यालय प्रशासनने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी । उन्होंने इसपर क्रोधित होकर ३ दिन बाहर प्रदर्शन भी किया । उनका आरोप है कि महाविद्यालयका प्रशासन उन्हें कक्षाके भीतर ‘हिजाब’ नहीं पहनने देता, उर्दू, अरबी और बेरी भाषामें बोलने भी नहीं देता ।
प्रधानाध्यापकका कहना है कि महाविद्यालय परिसरमें ‘हिजाब’ पहननेकी अनुमति है; परन्तु कक्षामें नहीं । वहां एकरूपता आवश्यक है । उन्होंने अभिभावकोंसे बैठककर बात करनेकी इच्छा प्रकट की ।
इसपर राजनीति प्रारम्भ हो गई है । ‘पीएफआई’से सम्बन्धित राजनीतिक संगठन ‘एसडीपीआई’ उडुपी इकाईके अध्यक्ष नजीर अहमदने कहा कि छात्राओंको ‘हिजाब’ नहीं पहनने दिया तो प्रदर्शन किया जाएगा ।
उल्लेखनीय है कि गत सप्ताह असमके विश्वनाथ जनपदमें एक ‘जीन्स’ पहनकर ‘इयर फोन’ क्रय करने आई मुसलमान लडकीको एक मुसलमानने चरित्रहीन कहकर धकेल दिया । उसके पितासे मारपीट की ।
यह कट्टरपन्थी मानसिकता है, जो देशकी एकता, अखण्डताके लिए घातक है । महाविद्यालय प्रशासनने राजनीतिज्ञोंकी ‘गीदड भपकियों’से भयभीत न होकर ‘हिजाब’पर प्रतिबन्ध बनाए रखना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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