१५-२० वर्षके भीतर भारतमें मुसलमान जनसङ्ख्यामें वृद्धि होगी, त्यागी बने रिजवीने किया हिन्दुओंको सावधान
०१ जनवरी, २०२२
इस्लाम त्यागकर हिन्दू धर्म अपनानेवाले रिजवी अब जितेन्द्र नारायण त्यागीने हिन्दुओंको आनेवाले सङ्कटसे सावधान करते हुए कहा है कि ‘मदरसों’में छोटे-छोटे बच्चोंको कट्टरपन्थकी शिक्षा दी जाती है । ‘कुरान’में स्पष्ट लिखा है कि जो ‘अल्लाह’को नहीं मानता उसकी हत्या करो !
इसी कारण उन्होंने सर्वोच्च न्यायालयमें ‘कुरान’की ऐसी २६ आपत्तिजनक ‘आयतों’को हटानेकी बात कही थी, जो मानी नहीं गई । इसके विपरीत उनपर ५०००० का दण्ड लगाया गया । उन्होंने कहा कि दण्ड भरनेसे उनका मन थोडी परिवर्तित होगा । वे कहते हैं कि यदि ‘मदरसे’ इसी प्रकार चलते रहे तो मुसलमान शक्तिशाली होकर हमसे भूमिका भाग पुनः मांगेंगे । यह बात धर्मनिरपेक्ष हिन्दुओंको समझ नहीं आती ।
उन्होंने कहा कि राममन्दिरपर मुसलमानोंको ज्ञात था कि उनके पक्षमें आदेश आनेपर भी वे श्रीरामललाकी मूर्ति नहीं हटा सकते । उनके पक्षमें आदेश न आनेपर वे चुप रहे; क्योंकि उन्हें ज्ञात था कि हिन्दू प्रत्येक ऐसी ‘मस्जिद’को मांगेंगे, जो मन्दिर ध्वस्तकर बनाई गई हो ।
रिजवीने कहा कि उन्होंने रामजन्मभूमि विवादके कारण ही धर्मान्तरण किया; इसीलिए उन्होंने ‘कुरान’को पढा तो उसकी विषमताएं उन्हें ज्ञात हुईं । यदि उन्हें कोई निम्नवर्गीय हिन्दू भी बनाता तो भी वे हिन्दू ही होना स्वीकार करते ।
जितेन्द्र नारायण त्यागीने सत्य कहा है । देशमें ‘मदरसों’से शिक्षण लेकर मुसलमानोंको आतङ्की बनाया जाता है । उन्हें जिहादकर हिन्दुओंकी हत्या करनेकी शिक्षा दी जाती है । असममें शासकीय ‘मदरसे’ बन्द कर दिए गए हैं । सभी राज्योंको तथा केन्द्रको ‘मदरसों’के शिक्षणपर रोक लगानी होगी । भारतके सुरक्षित भविष्य हेतु यह अत्यन्त आवश्यक है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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