सैन्य अधिकारी बन हिन्दू युवतियोंको फंसाता, तत्पश्चात विदेशोंमें विक्रयकर देता, लखनऊकी ‘लव-जिहाद’की पीडिताके नेपालमें मिलनेसे हुआ रहस्योद्घाटन


०१ जनवरी, २०२२
       उत्तर प्रदेशके लखनऊमें ‘लव-जिहाद’की पीडिताकी ‘दर्दनाक’ कहानी सामने आई है । इसके साथ ही यह भी पता चला है कि जम्मू-कश्मीरके कुपवाडाके रहनेवाला आरोपित ईशान बुखारी हिन्दू युवतियोंको फंसाकर, उन्हें विदेशोंमें विक्रय करनेका कार्य करता था । उसने पीडिताको भी भगाकर नेपालमें रखा था, जहांसे पीडिताने छुपकर अपने परिजनको ‘कॉल’कर अपने जीवनपर सङ्कट बताया था । आरोपित ईशान बुखारी स्वयंको कभी सेनाका ‘डॉक्टर’, तो कभी नासाका वैज्ञानिक, तो कभी कुछ और बताकर लडकियोंको फंसाता था ।
      अगस्त २०१७ में आरोपित ईशान बुखारीको महाराष्ट्र ‘पुलिस’ने इसे बन्दी बनाया था । इसके अतिरिक्त, कश्मीर ‘पुलिस’ भी उसे कई बार बन्दी बना चुकी है । उस समय वह पांच विवाह कर चुका था और अनेक अन्य युवतियां उसके सम्पर्कमें थीं । १२वीं उत्तीर्ण ताहिर कनाडा, लंदन और मिस्रके कई प्रसिद्ध विद्यालयोंकी कल्पित ‘एमबीबीएस डिग्री’पर चिकित्सालयोंमें चाकरी भी कर चुका है । इस प्रकरणमें उत्तर प्रदेश ‘पुलिस’ने आरोपीके विरुद्ध उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेशके अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट कर लिया है ।
       ईशान बुखारीको महाराष्ट्रमें महिलाओंको ‘धोखा’ देनेके आरोपमें महाराष्ट्र ‘पुलिस’ने अगस्त २०१७ में बन्दी बनाया था । इसका वास्तविक नाम ताहिर अहमद बुखारी है और यह कश्मीरके कुपवाडा जनपदके वसकुराके हंदवाडाका निवासी है । यह ईशाना बुखारीके नामसे ठगी और महिलाओंको फंसानेका कार्य लम्बे समयसे करता रहा है ।
        जांचमें पता चला था कि ताहिर उपनाम ईशानने पांच विवाह किए थे । इनमें एक विवाह उसने कश्मीरमें किया था, जबकि चार अन्य विवाह उसने भिन्न-भिन्न राज्योंमें किए थे । ‘पुलिस’के अनुसार, ताहिरने श्रीनगर, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्रमें विवाह किए थे । प्रत्येक विवाहके पश्चात वह पत्नीको छोड देता और उसका धन लेकर विलुप्त हो जाता । अब पता चला है कि वह उन्हें विक्रय करनेका कार्य करता था ।
       जिहादी देशके किसीभी क्षेत्रमें हों; किन्तु उनका आचरण एक जैसा ही रहता है । ‘लव-जिहाद’के माध्यमसे प्रतिदिन ही देशके विभिन्न क्षेत्रोंमें हिन्दू युवतियोंको नारकीय जीवनके लिए विवश कर रहें हैं । अधिकतर प्रकरणोंमें जिहादी छ्द्मपरिवेशमें ऐसा करते हैं । अतः युवतियोंको सावधान रहनेकी आवश्यकता है, केवल मुसलमानोंसे ही नहीं; अपितु हिन्दुओंसे भी, क्योंकि जिहादी हिन्दू अभिज्ञानसे ही परिचय बढाते हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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