कालीचरण महाराजकी प्रतिभूतिको रायपुरकी जनपद न्यायलयने किया निरस्त, १३ जनवरीतक रहेंगे बन्दीगृहमें


०३ जनवरी, २०२१
       छत्तीसगढकी राजधानी रायपुरमें आयोजित ‘धर्म संसद’में गांंधीजीपर टिप्पणी करनेके आरोपमें बन्दी बनाए गए कालीचरण महाराजको रायपुरके जनपद न्यायालयने सोमवार, ३ जनवरी २०२२ को उनकी याचिका निरस्त करते हुए, १३ जनवरीतक बन्दी बनाए रखनेका निर्णय दिया है । कालीचरण महाराजकी प्रतिभूतिके लिए उच्च न्यायालयमें याचना की जाएगी । कालीचरण महाराजने गांंधीकी हत्याको उचित ठहराते हुए उनकी हत्या करनेवाले नाथूराम गोडसेको नमन किया था । कथित रूपपर उन्होंने मंचसे कांग्रेस नेताओंकी आलोचना करते हुए हिन्दू मन्त्री चुननेकी बात भी श्रोताओंसे कही थी । इसके अतिरिक्त, उन्होंने इस्लामको लेकर कहा था कि मुसलमान देशपर अतिक्रमण करना चाहते हैं ।
      हिन्दू समाज अपने चिरस्थाई आदर्शोंको अनुसरण करनेको प्राथमिकता दे; जनमानसमें नवचेतना पुनः जाग्रत करते हुए, हिन्दू राष्ट्र स्थापनार्थ सतत कृतिशील रहे, कालानुसार वर्गविशेषके तथाकथित आदर्शोंका मूल स्वतः ही विलीन होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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