पाकिस्तानके ‘दावत-ए-इस्लामी’पर कांग्रेस शासन हुआ दयालु, ‘बवाल’के पश्चात बघेल शासनने निरस्त किया भूमि आवंटन
०३ जनवरी, २०२१
मुख्यमन्त्री भूपेश बघेलके नेतृत्ववाली छत्तीसगढके कांग्रेस शासनपर ‘कानून’की धज्जियां उडाते हुए सार्वजनिक भूमिके एक बडे भूभागको ‘इस्लामिक’ संस्थाके नामपर आवंटित करनेका आरोप लगा है । संस्था भी ऐसी, जो भारत की नहीं; अपितु पाकिस्तानसे सीधा सम्बन्ध रखती है और उसपर आतङ्की गतिविधियों, विदेशी वित्तपोषण (फंडिंग) और ‘इस्लामिक’ धर्मान्तरणमें स्पष्ट रूपसे सम्मिलित रहनेके आरोप लगे हैं ।
छत्तीसगढके पूर्व मन्त्री बृजमोहन अग्रवालने भूमिसे जुडे विज्ञापनको सार्वजनिक कर कहा कि इस संस्थाको आतङ्की गतिविधियों और विदेशी ‘फंडिंग’वाली पाकिस्तानकी ‘इस्लामिक’ संस्था ‘दावत-ए-इस्लामी’को २५ एकड (१० हेक्टयर) भूमि देनेका विज्ञापन निकाला गया है । उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ शासन शीघ्रतामें भूमि आवंटनका कार्य कर रही है ।
इस संस्थाका तन्त्र भारतके अधिकांश राज्यमें ही नहीं; अपितु समूचे विश्वके १९४ से अधिक देशोंमें फैला है । इसका संस्थापक ‘मौलाना’ इलियास अत्तारी पाकिस्तानके कराचीमें रहता है । वहींसे इस संस्थाका संचालन होता है । ‘दावत-ए-इस्लामी’का देहली और मुंबईमें मुख्यालय है । अक्टूबर २०२१ में देहलीसे पकडा गया ‘पाकिस्तानी’ आतङ्की मोहम्मद अशरफ भी ‘दावत-ए-इस्लामी’से जुडा था ।
उपरोक्त तथ्योंसे एक बार पुनः सत्यापित होता है कि कांग्रेस पाकिस्तानका समर्थक है और उसकी सहायता प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूपसे सदैव करती आई है; अतः ऐसे दलद्वारा लिए गए देश विरोधी निर्णयोंका सभी हिन्दुओंको मुखर होकर विरोध करना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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