मुगलोंको वास्तविक राष्ट्र निर्माता बतानेवाले कबीर खान अब ‘जय श्रीराम’पर बोले, राष्ट्रवादको देशभक्तिसे पृथक बताया


०३ जनवरी, २०२१
      मुगलोंको वास्तविक राष्ट्र निर्माता बता चुके चित्रपट निर्देशक कबीर खानने अब कहा है कि ‘जय श्रीराम कहना’ कभी ‘मुसलमानों’के लिए ‘मुद्दा’ नहीं रहा है । साथ ही उन्होंने देशभक्ति और राष्ट्रवादको भी पृथक-पृथक बताया है । भारतीय ‘क्रिकेट टीम’की प्रथम ‘विश्व कप’ विजयपर बना चित्रपट ’83’का निर्देशन कबीर खानने ही किया है ।
     कबीर खानने ‘नवभारत टाइम्स’को दिए साक्षात्कारमें बताया कि उनके घरमें धर्मनिरपेक्षताकी धारणा है; क्योंकि उनकी मां हिन्दू और पिता मुसलमान हैं । उनका कहना है कि जब देहलीमें उनका पालन-पोषण हो रहा था तो ‘जय श्रीराम’ बोलना उनके लिए ‘मुद्दा’ ही नहीं था; क्योंकि यह सभी बोलते थे । फर्रुखाबादमें रहनेवाले उनके सम्बन्धी भी ‘जय श्रीराम’ बोलते थे ।
      वहीं उन्होंने देशभक्ति और राष्ट्रवादपर बात करते हुए कहा कि इन दोनोंमें अन्तर होता है । देशभक्ति उसे कहते हैं, जब आप अपने देशपर गर्व अनुभव करते हैं, उसके लिए आपको किसी शत्रुकी आवश्यकता नहीं होती, वह आपके भीतर होती है ।
      ज्ञातव्य हो कि कबीर खानने कुछ समय पूर्व कहा था कि मुगल वास्तविक राष्ट्र-निर्माता थे । उन्होंने कहा था, “सबसे सरल युक्ति है मुगलोंको और मुसलमान शासकोंको निकृष्ट दिखाना । ये सब बहुत व्यथित करनेवाला है ।
        चित्रपट जगतके ये निर्देशक अपनी आगामी चित्रपटके प्रचार-प्रसार हेतु ऐसे वक्तव्य देकर जनमानसका ध्यान आकर्षित करते है और अपने निर्देशनसे अनर्गल एवं मिथ्या तथ्योंको परोसते है; अतः इन्हें उपेक्षित करें और इनके बनाए चलचित्रोंका पूर्णतः बहिष्कार करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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