जम्मू-कश्मीरके पूर्व मुख्यमन्त्रियोंकी (अब्दुल्ला, महबूबा, आजादकी) विशेष सुरक्षामें परिवर्तन, ‘एसएसजी’को भंग करनेको उद्यत प्रशासन
०६ जनवरी, २०२२
वर्ष २००० में गठित ‘पुलिस’का विशेष सुरक्षा दलको (एसएसजीको) प्रदेश प्रशासन भंग करनेपर विचार कर रहा है । इससे जम्मू-कश्मीरके पूर्व मुख्यमन्त्री फारूख अब्दुल्ला, उनके बेटे उमर अब्दुल्ला, गुलाम नबी आजाद व महबूबा मुफ्ती प्रभावित होंगे । आजादके अतिरिक्त अन्य सभी श्रीनगरमें निवास करते हैं ।
यह निर्णय सुरक्षा समीक्षा समन्वय समितिद्वारा लिया गया है, जो नेताओंको आवश्यक सुरक्षाकी समीक्षा करती है । केन्द्रने इसपर सहमति दे दी है ।
सभी पूर्व मुख्यमन्त्रियोंको ‘जेड प्लस’ सुरक्षा पूर्वके समान उपलब्ध रहेगी । यह सुरक्षा उन्हें जनपद ‘पुलिस’द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी । ‘एसएसजी’को भंग करके उसमें कार्यरत अधिकारियों व सैनिकोंको विशेष सुरक्षा बलमें भेजा जाएगा । इससे पूर्व निर्मित ‘एसएसजी’को न्यूनकर उचित आकार दिया जाएगा । इसका नेतृत्व ‘पुलिस’ अधीक्षकके पदके नीचेके एक अधिकारीद्वारा किया जाएगा व निदेशक, ‘पुलिस’ महानिरीक्षक उसके उपरकी श्रेणीका होगा ।
पूर्व मुख्यमन्त्रियोंको सुरक्षा कवच मिलता रहेगा; परन्तु प्रदेशके बाहर उनकी सुरक्षा आङ्कलनके आधारपर न्यून की जा सकती है ।
शासनका निर्णय योग्य है; परन्तु आतंकियोंके समर्थक नेताओंको आतंकियोंसे भय कैसे हो सकता है; अतः इनकी सुरक्षा और भी कम की जानी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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