आतङ्की समूह ‘सिख फॉर जस्टिस’के गुरपतवंत सिंह पन्नूने प्रधानमन्त्री मोदी और भारतको दी धमकी, आपत्तिजनक दृश्यश्रव्य आया सामने
०६ जनवरी, २०२२
आतङ्कवादी समूह ‘सिख फॉर जस्टिस’के गुरपतवंत सिंह पन्नूने एक और राष्ट्र विरोधी चलचित्र प्रस्तुत किया है, जिसमें उसने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदीको धमकी देते हुए प्रतिवाद किया है कि ‘खालिस्तानी’ पंजाबको भारतसे पृथक करनेके लिए सज्ज (तैयार) हैं । यह प्रथम अवसर नहीं है जब पन्नूने इस प्रकारसे धमकी दी हो । पंजाबमें सिखोंको भारतका विरोध करनेके लिए उकसानेके लिए पन्नू प्रायः ‘यूट्यूब’के माध्यमसे भडकाऊ दृश्यश्रव्य साझा करता है ।
अपने आपत्तिजनक दृश्यश्रव्यमें प्रधानमन्त्री मोदी और भारत शासनका ध्यान आकर्षित करते हुए पन्नूने कहा कि ‘फ्री खालिस्तान जनमत संग्रह अभियान’ ५ जनवरीको तब आरम्भ हुआ जब ‘तिरंगवाले (भारतीय)’ पंजाबसे देहली भाग गए, जबकि ‘खंडे और केसरीवालोंने (सिख)’ भारतके प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदीको पंजाबसे भागनेपर विवश कर दिया । भारत शासनको परोक्ष रूपसे धमकी देते हुए प्रतिबन्धित आतङ्कवादी संगठन प्रमुखने कहा कि पंजाबने स्वतन्त्रताकी ओर प्रथम पग बढाया है । पन्नूने यह भी कहा, “तिरंगेका समर्थन करनेवालोंको पंजाब छोडकर देहली चले जाना चाहिए ।”
सिख समाज, भारतवर्षके इतिहासका, सांस्कृतिक व समकालीन समाजमें व्याप्त दुष्प्रवृतियोंके कुप्रभावोंका गहनतासे पुनरावलोकन करे, निज अन्तरतम व सत्य सनातन धर्मकी ओर उन्मुख होकर समाजमें व्याप्त दुष्प्रवृत्तियों, निधर्मी व विभाजनकारी वृत्तियोंको बहिष्कृत करे । सनातन धर्म व राष्ट्र अद्वैत हैं, सनातन धर्मकी डोरसे ही राष्ट्र व विश्वमें शान्ति व समृद्धि है; जबकि सनातन धर्मसे विभाजन सदैवसे ही त्रासदी, सन्तापों, रोग, शोक व आपदाको खुला आमन्त्रण सिद्ध हुआ है; अतः सिख समाज भी भारतवर्षमें हिन्दू राष्ट्रका ध्येय रख कृतिशील रहे, इसीमें परमार्थ है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
Leave a Reply