‘कोरोना’को कारण बता तमिलनाडुके स्टालिन शासनने लगाया पोंगल पर्व मनानेपर प्रतिबन्ध, शुक्रवारसे रविवारतक मन्दिर जाना किया प्रतिबन्धित
०५ जनवरी, २०२२
‘कोरोना’को लेकर तमिलनाडुके मुख्यमन्त्री एमके स्टालिनने राज्यमें पोंगल पर्व, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक सभाओंपर रोक लगा दी है । मुख्यमन्त्रीने घोषणा की है कि पोंगलसे सम्बन्धित सभी शासकीय और निजी कार्यक्रम स्थगित रहेंगे । इसके अतिरिक्त मुख्यमन्त्री स्टालिनने शुक्रवार, शनिवार और रविवारके दिन श्रद्धालुओंके मन्दिर जानेपर भी रोक लगा दी है ।
पोंगल उत्सवपर रोक लगानेके निर्णयसे स्थानीय लोगों और ‘सोशल मीडिया’ ‘यूजर’में अत्यधिक आक्रोश है । उन्होंने शासनसे हिन्दू उत्सवसे कुछ दिवस पूर्व राज्यमें प्रतिबन्ध लगानेके विषयमें प्रश्न किया है । एक ‘सोशल मीडिया’ ‘यूजर’ने ‘ट्वीट’ किया, “क्रिसमस और नूतन वर्षके मध्य ऐसा क्यों नहीं किया ? ‘क्रिसमस’ तो लोगोंने बडे ही ‘धूमधाम’से मनाया ?” एक अन्य ‘यूजर’ने कहा कि तमिलनाडु शासनने राज्यको नूतन वर्ष और ‘क्रिसमस’;मनानेकी अनुमति देनेके पश्चात अब ‘जानबूझ’कर ऐसा किया है ।
पोंगल पर्व तमिलनाडुमें मकर संक्रांतिके दिन मनाया जाता है । यह पर्व चार दिनोंतक मनाया जाता है । मकर संक्रांति और लोहडीकी भांति पोंगल भी फसल और किसानोंसे जुडा पर्व होता है, जिसे समूचे भारतमें पृथक-पृथक नामोंसे बडे ‘धूमधाम’के साथ मनाया जाता है ।
राष्ट्र विरोधी सत्ताधारी दल और उनके मुखियाके द्वारा निरन्तर हिन्दू धर्मको लक्ष्य कर लिए जा रहे निर्णय बताते है कि उनको अन्य किसी पन्थके उत्सव नहीं दिखाई देते है । इस प्रकारकी हिन्दू विरोधी मानसिकताका समुचित उत्तर देनेका समय अब आ गया है; अतः सभी हिन्दू ऐसे निर्णयोंका संवैधानिक रूपसे प्रतिकार करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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