‘एनआईए’ने कर्नाटक कांग्रेसके पूर्व विधायककी सम्बन्धीको ‘आईएसआईएस’से सम्बन्ध होनेके आरोपमें बनाया बन्दी
०५ जनवरी, २०२२
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरणने सोमवार, ३ जनवरी २०२२ को कर्नाटकमें मरियमको (पूर्वका नाम दीप्ति) बन्दी बना लिया । यह कांग्रेसके पूर्व विधायक बी एम बाशाकी बहू है । बाशा कन्नडके सुप्रसिद्ध लेखक बी एम इदिनाबाके पुत्र हैं । इनकी बहु मरियमपर आरोप है कि इसके सम्बन्ध ‘आईएसआईएस’से हैं ।
‘डीएसपी’ कृष्ण कुमारके नेतृत्वमें ‘पुलिस’ने मेंगलुरुके निकट मस्तिकट्टे गांवमें जब इनके घरमें छापा मारा तो इन्हें ‘आईएसआईएस’ सम्बन्धित वस्तुएं प्राप्त हुईं । अगस्त २०२१ में इनके सम्बन्धी रहमानको इसी आरोपमें बन्दी बनाया गया था, तब मरियमसे भी पूछताछ की गई थी; परन्तु उचित साक्ष्यके अभावमें उसे बन्दी नहीं बनाया गया था । अब पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर उसे बन्दी बनाया गया है ।
कर्नाटक ‘पुलिस’ने बताया कि मरियम, आतङ्कवादी सदस्य अजमालाके सम्पर्कमें थी । अजमाला, इदिनाबाके पोतेकी पत्नी है । यह कुछ वर्ष पूर्व सीरिया भाग गई थी । मरियमका वास्तविक नाम दीप्ति मारला है, जो एक सम्पन्न हिन्दू परिवारसे थी । ‘यूएई’में शिक्षण ग्रहण करते हुए यह इस्लामकी ओर आकर्षित हुई । इसने धर्मान्तरण कर ‘निकाह’ कर लिया ।
यह भी ज्ञात हुआ है कि सीरिया/इराकमें ‘आईएसआईएस’का प्रभाव न्यून होनेके पश्चात दीप्ति मारला व मोहम्मद अमीन जनवरी २०२० में पुनः आतङ्की गतिविधियोंमें वृद्धि लानेके लिए कश्मीर गए थे । ‘एनआईए’ने अभीतक आतङ्कवादी गतिविधियोंमें लिप्त होनेके आरोपमें कर्नाटकसे ११ लोगोंको बन्दी बनाया है ।
आतङ्कवादी गतिविधियोंमें लिप्त आरोपी कश्मीर, केरल और अब कर्नाटकसे भी बन्दी बनाए गए हैं । इनका जाल समूचे देशमें फैला है । ये लोग आतङ्कवादी गतिविधियोंद्वारा देशको दुर्बल बनानेको प्रयासरत हैं । यह अत्यन्त दुःखद है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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