‘इस्लामिक स्टेट’में सहभागी होनेके लिए गए मुंबईके २ धर्मान्धोंको ८ वर्षका कारावास
०९ जनवरी, २०२२
‘आईएसआईएस’ (इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया) इन जिहादी आतङ्कवाद संगठनमें सहभागी होनेके लिए गए मुंबईके मोहसीन सैय्यद और रिजवान अहमद इन दोनोंको राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरणके विशेष न्यायालयने ७ जनवरीके दिन ८ वर्षके कारावासका दण्ड सुनाया । दोनोंको १० सहस्र रुपयोंका दण्ड भी लगाया गया है । राशि न भरनेपर दण्डकी अवधिमें अतिरिक्त ३ माहकी वृद्धिकी जाएगी ।
मोहसीन और रिजवान ये मालवणीके रहनेवाले हैं । वर्ष २०१५ में ‘आईएसआईएस’में सहभागी होनेके लिए ये दोनों घर छोडकर गए थे । इस घटनामें दोनोंके विरोधमें कालाचौकी ‘पुलिस’ ‘थाने’में अपराध प्रविष्ट किया गया था । आगे यह घटना राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरणको सौंपनेपर जुलाई २०१६ में दोनोंके विरोधमें आरोपपत्र प्रविष्ट किया गया था । दोनोंने ही दिसम्बर २०२१ में स्वयंका अपराध स्वीकारकर अपना दण्ड क्षमा करनेके लिए विशेष न्यायालयमें याचना की थी । स्वयंसे अपराध स्वीकार करनेके कारण उनके आजीवन कारावासका दण्ड टल गया ।
धर्मान्ध पहले अपराध करते हैं, उसके पश्चात दण्डके भयसे क्षमायाचना करते है । ऐसे आतङ्किवादियोंको कठोर दण्ड देना उचित है अन्यथा ये क्षमायाचनाका स्वांग कर अपराध करते ही रहेंगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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