कश्मीरके पत्रकारने ‘पोस्ट’ किया भारत विरोधी दृश्यपट, बनाया गया बन्दी, असत्य समाचार दिखानेपर इस संस्थानके अनेक पत्रकारोंपर हुई है कार्यवाही
०९ जनवरी, २०२२
जम्मू-कश्मीर ‘पुलिस’ने एक कथित पत्रकारको आतङ्कीकी मृत्युके पश्चात सम्बन्धित दृश्यपटको ‘पोस्ट’के आरोपमें बन्दी बनाया है । बन्दी बनाए गए पत्रकारका नाम सज्जाद अहमद डार है और उसे बांदीपोरा जनपदसे पकडा गया है । सज्जाद अहमद ‘ऑनलाइन पोर्टल द कश्मीर वाला’के लिए कार्य करता था । ‘पुलिस’ने शनिवार ८ जनवरीको अभिरक्षामें लिए जाने पुष्टि की ।
जिस दृश्यपटको सज्जाद गुलने ‘पोस्ट’ किया था । उसमें महिलाओंका एक समूह भारत विरोधी उद्घोष लगा रहा है । यह दृश्यपट मारे गए आतङ्कीके परिजनका बताया जा रहा है । इसी दृश्यपटमें पाकिस्तान और जाकिर मूसाका समर्थन भी किया जा रहा है । बताया जा रहा है कि दृश्यपट श्रीनगरमें मुठभेके समय हुई आतङ्कीकी मृत्युके पश्चात बनाया गया था । मारे गए आतङ्कीका नाम सलीम पैरी था, जो ‘लश्कर ए तैयबा’का सक्रिय सदस्य था । सलीम ३ जनवरीको श्रीनगरके हरवान क्षेत्रमें मारा गया था ।
समाचार संस्थानोंके प्रतिवेदन अनुसार, सज्जाद गुलके भ्राताने बताया कि उसको ५ जनवरीको अभिरक्षामें लिया गया था । यह कार्यवाही रात्रि लगभग १० बजे सैनिकोंकी घेरावके समय की गई । कुछ समय पश्चात गुलको ‘पुलिस’की अभिरक्षामें दे दिया गया । परिजनने बताया कि प्राथमिकीकी जानकारी उन्हें ७ जनवरी शुक्रवारको हुई । सज्जाद गुलपर प्रकरण भारतीय दण्ड संहिताकी धारा १२० (ब), १५३ (ब) और ५०५ (ब) के अन्तर्गत प्रविष्ट किया गया है ।
जिहादीका अभिज्ञान और कार्यक्षेत्र कुछ भी हो; किन्तु मानसिकता जिहाद और भारत विरोधकी ही रहती है । यह लोग अपनी लेखनीसे बौद्धिक आतङ्कवादके भी जन्मदाता बनते हैं । केन्द्रीय शासन और स्थानीय प्रशासनको चाहिए कि इनके पाकिस्तान सहित विदेशी वित्तीय स्रोतोंको पूर्णतया बन्दकर देशद्रोही कार्योंके लिए कठोर दण्ड भी सुनिश्चित करें ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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