सम्पूर्ण भारतपर दलित हिन्दुओंके साथ अतिक्रमण करनेके लिए जिहादी गुफरान नूरने उकसाया
०८ जनवरी, २०२२
कुछ दिवस पूर्व हरिद्वारमें धर्म संसद हुई थी । उसमें एक विशेष धर्मको तोडनेका आवाहन किया गया । यह धर्म कौनसा है ? यह मुसलमान पन्थ था । हिन्दुत्वका आवरण ओढकर कुछ आतङ्कवादी मुसलमानोंको उकसा रहे थे । भडकाऊ भाषणमें कहा, “यदि दलित और मुसलमान एकत्र आ जाए, तो वे सम्पूर्ण भारतमें राज्य कर सकते हैं ।” ऐसा वक्तव्य ‘एमआईएम’के अलीगढ जनपद अध्यक्ष गुफरान नूरने जमालपुरमें एक नुक्कड सभामें दिया । गुफरान नूरने ‘बाबर’के कुकृत्योंका समर्थन किया ।
जिस भारत मांने मुसलमानोंको भी शरण दी है, जो यहां समस्त विश्वमें सर्वाधिक सुरक्षित होकर फल फूल रहे हैं, उन्हें हिन्दुओंके प्रति आमरण कृतज्ञ होकर ऋण चुकाना चाहिए; किन्तु कृतघ्नताकी पराकाष्ठा यह है कि मुसलमान यहांके मूलनिवासी निर्दोष हिन्दुओंसे निम्न स्तरके अपराध व अन्यायकर घोर पापके अधिकारी बन स्वयं ही नरक यातनाको आमन्त्रित कर रहे हैं । उद्दण्ड, राष्ट्रद्रोही, विभाजनकारी व दुराचारी जिहादी तत्त्वोंको त्वरित कठोर दण्ड देकर उनके पापोंका क्षालनकर उन्हें सन्मार्गमें लाना भी हिन्दुओंका ईश्वर प्रदत्त अधिकार है, तभी भारत विश्वगुरु व विराट हिन्दुओंकी गौरव गाथासे पुनः ओतप्रोत होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
साभार : सनातन प्रभात
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