‘मुसलमानोंको न भूमि देंगे, न उनसे सामग्री क्रय करेंगे’, आक्रमणसे क्रोधित छत्तीसगढके ग्रामीणोंकी शपथ, ‘बीडीसी’ इलियासको बताया मुख्य आरोपी
०८ जनवरी, २०२२
छत्तीसगढके सरगुजामें एक समूहका मुसलमान समाजके आर्थिक बहिष्कारकी शपथका दृश्यपट सार्वजनिक हो रहा है । दृश्यपटमें गांवके लोग शपथ ले रहे हैं कि वे किसी भी मुसलमानकी आपणीसे न सामग्री क्रय करेंगे और न विक्रय करेंगे, उन्हें न ही भाडेपर भूमि देंगे और न ही उन्हें विक्रय करेंगे । इसके साथ वह शपथ ले रहे हैं कि गांवके लोग मुसलमानके यहां कार्य भी नहीं करेंगे । घटना लुंड्रा ‘थाना’ क्षेत्रके आरा और कुंदीकला गांवका बताया जा रहा है । दृश्यपट ६ जनवरीको (गुरुवारको) सार्वजनिक हुआ है ।
‘मीडिया’ प्रतिवेदनके अनुसार, यह घटन मारपीटसे सम्बन्धित है । अंग्रेजी नूतन वर्षको (१ जनवरीको) आरा गांव और कुंदी कलाके निवासियोंमें परस्पर विवाद हुआ था । इसके पश्चात इस घटनाने साम्प्रदायिक रंग ले लिया । आरा गांवके कुछ मुसलमान युवक वाहनोंमें भरके कुंदीकलामें घुसकर यहांके लोगोंसे मारपीट और महिलाओंसे अभद्रता की थी । इस घटनामें ‘पुलिस’ने धारा १४७, २९४, ३२३, ५०६, ४५२ आईपीसीके अन्तर्गत अभियोग प्रविष्ट किया था । पीडित और अक्रमणकर्ता भिन्न-भिन्न समुदायसे हैं ।
पीडित बच्चीके चाचाने घटनाके विषयमें बताया, “उन लोगोंने अचानक आक्रमण किया । वे द्वारको लात मारकर भीतर घुस गए । हमारा पूर्वका कोई विवाद नहीं था । मैं समूचे दिवस घरमें ही था । मेरी भतीजीका हाथ पकड खींचतान करने लगे । मुझे भी गालियां देकर मारा गया । इस घटनामें मुख्य आरोपी इलियास ‘बीडीसी’ सदस्य है । इलियासने शस्त्र निकाल कर सबको मारनेके लिए कहा । साथ ही अभद्र ‘गालियां’ दीं । ‘थाने’वालोंने स्वयंपर विश्वास रखनेको कहा । आरोपितोंने प्रतिभूति मिलनेके पश्चात गांवमें ‘पटाखे’ फोडे । उन्होंने समूचे गांवको जलाने और सभी हिन्दुओंको मारनेकी धमकी दी है । वे सभी मुसलमान हैं । उन्हें हमसे ऐसी शत्रुता क्यों है ? हम समझ नहीं पा रहे हैं !”
जिहादियोंद्वारा इस प्रकारके प्रकरण तीव्रतासे बढते जा रहे हैं । यदि यह क्रम नहीं रुका तो छत्तीसगढके ग्रामीणोंकी भांति समूचे भारतमें मुसलमान समुदायका बहिष्कार आरम्भ हो सकता है । जिसका उत्तरदायी धर्मान्ध वर्ग ही होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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