विरोधके पश्चात खेल मन्त्रालयके कार्यक्रममें ‘गालीबाज’ देवदत्त पटनायकवाले सत्रका प्रसारण नहीं


१२ जनवरी, २०२२
      ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’के उपलक्ष्यपर आयोजित भारत शासनके कार्यक्रममें ‘गालीबाज’ देवदत्त पटनायकवाले सत्रका प्रसारण नहीं किया जाएगा । केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मन्त्रालयके वरिष्ठ परामर्शदाता कंचन गुप्तने बताया कि अप्रत्याशित तकनीकी समस्या आनेके कारण ऐसा सम्भव नहीं हो पाया; इसीलिए इस मध्य दर्शक किसी अन्य सत्रको देखें ! उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों और इस सत्रको देख रहे लोगोंसे आग्रह है कि वे किसी अन्य सत्रमें ‘ट्यून इन’ करें !
       बता दें कि जब ‘नेशनल यूथ फेस्टिवल २०२२’ के फलकमें देवदत्त दिखाई दिए, तभीसे प्रश्न किया जा रहा है कि ऐसे ‘गालीबाज’ व्यक्तिको, क्या युवा कार्यक्रम और खेल मन्त्रालय महान बुद्धिजीवी मानता है ? जो उन्हें इस कार्यक्रममें आमन्त्रण मिला ! ‘लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी’ने केन्द्रीय मन्त्री अनुराग ठाकुरसे पूछा कि क्या आपका मन्त्रालय वास्तवमें देवदत्त पटनायकको एक महान मस्तिष्क मानता है ? वह हिन्दुओंके विरुद्ध विष उगलनेवाला, भारतसे घृणा करनेवाला, मिथ्या इतिहासकार है, जो प्रत्येक भारतीय वस्तुको कोसने, नरेंद्र मोदी व अमित शाहको श्राप देनेका आनन्द लेता है, जिससे उसकी वामपन्थी ‘खुजली’ शान्त हो सके ।
      विचारणीय है कि जिस देवदत्त पटनायकको युवाओंको सम्बोधित करनेके लिए युवा कार्यक्रम व खेल मन्त्रालयने निमन्त्रण देकर बुलाया है, उसी मिथ्या ‘माइथोलॉजी’ विशेषज्ञ देवदत्त पटनायकके विरुद्ध गत वर्ष ओडिशाके भुवनेश्वरमें परिवाद प्रविष्ट कराया गया था । पटनायकके विरुद्ध यह परिवाद ओडिशाके पुरी जगन्नाथ मन्दिरके विषयमें मिथ्या समाचार और असत्य फैलाकर हिन्दू समाजमें जातिके आधारपर विभाजनको लेकरकी गई थी । इतना ही नहीं पटनायकको आप प्राय: हिन्दू घृणासे ओतप्रोत सामग्रीका प्रचार-प्रसार करते देखेंगे ।
         देवदत्त पटनायक जैसे तथाकथित इतिहासकारोंका, जो हिन्दू देवी-देवताओंके विषयमें समाजमे भ्रांतियां फैलाते है, प्रत्येक शासकीय एवं हिन्दू मंचसे बहिष्कार किया जाना चाहिए । ऐसे लोग हिन्दू नहीं; अपितु हिन्दू नामपर कलङ्क है और केवल अपने उदर पोषण हेतु ऐसा कार्य करते है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 


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