‘फेसबुक’पर इस्लामपर टिप्पणी करनेवाला पूर्व मुसलमान अनीश जसी बन्दी
११ जनवरी, २०२२
तमिलनाडुके कोयम्बटूरमें किसी अनीश जसी ‘एसटी’ नामक व्यक्तिने गत सप्ताह ‘फेसबुक’पर लिखा था, जिसमें उसने इस्लामपर तथा उसके सिद्धान्तोंपर प्रश्न उठाए थे । प्रत्येक लेखके उपरान्त वह स्वयंको ‘पूर्व मुसलमान’ लिखता हैं । इससे प्रतीत होता है कि वह जन्मसे मुसलमान था व इस धर्मसे मोह भंग होनेसे वह नास्तिक हो गया हैं ।
गत सप्ताह २९ दिसम्बर २०२१ की रात्रि उसे कुनियामुथुर ‘थाने’ ले जाया गया । उसके मित्रका आरोप है कि उन्हें बन्दी बनानेका कोई आदेश ‘पुलिस’के पास नहीं था । कुनियामुथुरके ‘थानेदार’के परिवादपर उनके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट की गई ।
‘थानेदार’ वी गणेशनने बताया कि परिवाद किया गया है कि अनीशने अपने ‘फेसबुक पोस्ट’में ‘कुरान’का अपमान किया है । उन्होंने जांच करके प्राथमिकी प्रविष्ट की है । उसने लिखा है कि वह हदीस पढता है तो उसे लज्जा आती है । प्रसन्न होते हुए उसने एक स्थानपर मुसलमानोंको पाखण्डी भी कहा है ।
उल्लेखनीय है कि अनीश तमिलके नास्तिक लोगोंमें प्रसिद्ध है । उसपर २९५ ए (धार्मिक भावनाओंको कष्ट पहुंचाने हेतु सोच समझकर किया गया कार्य), १५३ ए १ सी (धर्मोंमें शत्रुता निर्माण करना), ५०५ (२) सार्वजनिक रूपसे ऐसे ‘पोस्ट’ करना, इन धाराओंमें आरोप प्रविष्ट किया गया है । अनीशकी प्रतिभूति याचिका ५ जनवरीको निरस्तकर उसे कोयंबटूरके केन्द्रीय कारागृहमें रखा गया है ।
अनीश जैसा मूर्ख, जिसने इस्लामकी सच्चाई तो जान ली; किन्तु हिन्दू धर्मको जाने बिना दोनोंकी आलोचना की, ऐसे लोगोंको पहले सनातन धर्मको समझना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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