सीतामढीमें ‘मौलवी’ तबरेजने ‘मदरसे’की अवयस्क छात्रासे किया दुष्कर्म, ५ माहकी गर्भवती, वहीं पटनामें दुष्कर्मका अभियुक्त ‘मौलाना’ शाहबाज भागा
११ जनवरी, २०२२
बिहारके मिथिला क्षेत्रके सीतामढी जनपदसे शनिवार , ८ जनवरी २०२२ को ‘मदरसे’की अवयस्क छात्रासे दुष्कर्मका प्रकरण उजागर हुआ है । ‘टीवी’ ९ के प्रतिवेदनके अनुसार, ‘मौलवी’ तबरेजने अपने ‘मदरसे’में पढनेके लिए आई अवयस्क युवतीके साथ दुष्कर्म किया और उसे गर्भवती कर दिया । उसने इस व्यवहारको ‘रिकॉर्ड’ भी कर लिया और दृश्यपटके माध्यमसे उसका भयदोहन करना आरम्भ कर दिया । ‘मौलवी’ने कथित रूपसे दृश्यपटका उपयोग अनेक अवसरोंपर उसके साथ दुष्कर्म करनेके लिए किया, जबतक कि वह गर्भवती नहीं हो गई ।
इसके साथ ही उसने भयभीत किया कि यदि अवयस्क युवतीने अपने परिवारमें किसीको अपने अनुचित कार्यके विषयमें बताया तो दृश्यपट सार्वजनिक कर दिया जाएगा; किन्तु जब अवयस्कको पता चला कि वह गर्भवती है, तो उसने अपने परिवारके सदस्योंको इस घटनाके विषयमें बताया । इसके पश्चात युवतीके परिजन ‘मौलवी’के विरुद्ध परिवाद प्रविष्ट करवाने जनपदके महिला ‘पुलिस’ ‘थाना’ पहुंचे । युवती इस समय ५ माहकी गर्भवती बताई जा रही है । परिवादके आधारपर ‘पुलिस’ने प्रकरणकी जांच आरम्भ कर दी है ।
‘मदरसों’में या तो आतङ्की बनाए जाते हैं या दुष्कर्म किए जाते हैं । शिक्षाके मन्दिरमें पढानेके नामपर एक १० वर्षीय अवयस्क युवतीको गर्भवती कर देना अपराधकी निकृष्टतम मानसिकताको दिखाता है । ऐसे भक्षकको मृत्युदण्डसे कम कुछ दिया गया तो यह न्यायका भी अपमान होगा । जिन भक्षकोंसे अपने ही तथाकथित धर्मकी अवयस्क युवतियां सुरक्षित नहीं हैं उनसे अन्य धर्मकी महिलाएं कैसे सुरक्षित रह सकती हैं ? जिहादियोंके इस प्रकारके कुकृत्योंसे मुक्तिके लिए हिन्दू राष्ट्र कितना आवश्यक है ? वह इस प्रकारकी घटनाओंसे ज्ञात होता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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