संक्रांतिपर मुसलमानोंको सूर्य नमस्कारके लिए विवश करनेका उमर, महबूबा जैसे नेताओंने किया विरोध


१५ जनवरी, २०२२
      केन्द्र-शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर प्रशासनने महाविद्यालयोंके प्रमुखोंको मकर-संक्रांतिपर बडे स्तरपर ‘ऑनलाइन’ सूर्य नमस्कारके कार्यक्रममें भाग लेनेका आदेश दिया था । इस आदेशकी मुख्यधाराके राजनीतिक दलोंने तीव्र आलोचना की है । उच्च शिक्षा निदेशालयद्वारा गुरुवार, १३ जनवरीको जारी एक परिपत्रमें कहा गया है कि १४ जनवरी २०२२ को मकर-संक्रांतिके पवित्र अवसरको चिह्नित करनेके लिए, भारत शासनकी ओरसे इस अवसरपर बडे स्तरपर आभासी रूपमें योगा कार्यक्रम स्वतन्त्रताका अमृत महोत्सव समारोहके अन्तर्गत सूर्य नमस्कारका आयोजन किया जाएगा ।
      परिपत्रमें लिखा गया था कि सूर्य नमस्कार ‘फॉर वाइटलिटी टैगलाइन’के साथ एक जन-केन्द्रित सफल कार्यक्रम बनानेके लिए, कृपया सुनिश्चित करें कि सभी संकाय सदस्य और छात्र निम्नलिखितमें से किसी भी ‘पोर्टल’पर पंजीकरण करके इस कार्यक्रममें सक्रिय रूपसे भाग लें !
      पूर्व मुख्यमन्त्री और ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस’के नेता उमर अब्दुल्लाने ‘ट्विटर’पर आदेशकी तीव्र आलोचना की है । उमर अब्दुल्लाने कहा, “मुसलमान छात्रोंको मकर-संक्रांति मनानेके लिए योग सहित कुछ भी करनेके लिए क्यों विवश किया जाना चाहिए ? मकर-संक्रांति एक त्योहार है और इसे मनाना है या नहीं, ये एक व्यक्तिगत अभिरुचि होनी चाहिए । क्या ‘गैर’ मुसलमान छात्रोंको ईद मनानेका आदेश देनेके लिए इसी प्रकारका आदेश जारी किया गया था, तो क्या ‘भाजपा’ प्रसन्न होगी ?”
       उमर अब्दुल्लाने कुछ समय पश्चात अपने दलके नेता उमेश तलाशीके ‘पोस्ट’को ‘रिट्वीट’ किया और कहा, “यदि कल, एक मुसलमान मुख्यमन्त्री एक कार्यकारी आदेश जारी करता है कि सभीको ‘रमजान’पर उपवास करना चाहिए, तो ‘गैर’ मुसलमान समुदायके सदस्योंको ये सुननेमें कैसा लगेगा ? अधिकारियोंको लोगोंपर धार्मिक प्रथाओंको थोपना बन्द कर देना चाहिए, उन्हें इन प्रकरणोंमें हस्तक्षेपका कोई अधिकार नहीं है ।”
 ‌‌
       सूर्य नमस्कारका विरोध करनेवाले भी जानते हैं कि सूर्य नमस्कार एक प्रकारका व्यायाम है और इसे करनेसे शरीर स्वस्थ रहता है; तथापि वे इसका विरोधकर, हिन्दू संस्कृतिसे अपनी घृणाका परिचय दे रहे हैं । यदि वे सूर्यको हिन्दुओंका भगवान मानते हैं तो उन्हें सूर्यका प्रकाश लेना बन्द कर देना चाहिए ।  – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


सूचना: समाचार / आलेखमें उद्धृत स्रोत यूआरऍल केवल समाचार / लेख प्रकाशित होनेकी तारीखपर वैध हो सकता है। उनमेंसे ज्यादातर एक दिनसे कुछ महीने पश्चात अमान्य हो सकते हैं जब कोई URL काम करनेमें विफल रहता है, तो आप स्रोत वेबसाइटके शीर्ष स्तरपर जा सकते हैं और समाचार / लेखकी खोज कर सकते हैं।

अस्वीकरण: प्रकाशित समाचार / लेख विभिन्न स्रोतोंसे एकत्र किए जाते हैं और समाचार / आलेखकी जिम्मेदारी स्रोतपर ही निर्भर होते हैं। वैदिक उपासना पीठ या इसकी वेबसाइट किसी भी तरहसे जुड़ी नहीं है और न ही यहां प्रस्तुत समाचार / लेख सामग्रीके लिए जिम्मेदार है। इस लेखमें व्यक्त राय लेखक लेखकोंकी राय है लेखकद्वारा दी गई सूचना, तथ्यों या राय, वैदिक उपासना पीठके विचारोंको प्रतिबिंबित नहीं करती है, इसके लिए वैदिक उपासना पीठ जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं है। लेखक इस लेखमें किसी भी जानकारीकी सटीकता, पूर्णता, उपयुक्तता और वैधताके लिए उत्तरदायी है।

विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution