‘पुष्पा’ और ‘भौकाल’, इन चित्रपटोंकी आपराधिक कथाके प्रभावके कारण अवयस्क युवकोंद्वारा एक युवककी हत्या
२३ जनवरी, २०२२
देहलीके जहांगीरपुरी क्षेत्रके बाबू जगजीवन राम मेमोरियल चिकित्सालयमें ३ अवयस्क युवकोंद्वारा एक २४ वर्षीय युवककी हत्या करनेकी घटना हुई है । इन युवकोंको बन्दी बना लिया गया है । इन युवकोंको अपराधके क्षेत्रमें प्रसिद्ध होना था । उन्होंने स्वयंकी टोली बनाई थी । ‘पुष्पा’ और ‘भौकाल’ जैसे चित्रपट और ‘वेब सीरिज’में दिखाई गई अपराधियोंकी जीवनशैलीका हमारे ऊपर प्रभाव है’, ऐसा इन अवयस्क आरोपियोंने ‘पुलिस’को बताया । आरोपियोंने हत्या करनेके पश्चात एक चित्रपट बनाया और उसे ‘इंस्टाग्राम’पर प्रसारित किया ।
‘सी.सी.टी.वी. फुटेज’द्वारा मृत और आरोपियोंके मध्य झगडा होनेका प्रसंग सामने आया है । इन अवयस्क युवकोंने उनके समूहको ‘बदनाम गैंग’ नाम दिया था ।
भारत वीर वीरांगनाओं एवं साधु-सन्तोंकी भूमि होनेपर भी, आजकी युवा पीढी मनपर सुसंस्कार न होनेके कारण चलचित्रोंमें अभिनय करनेवाले पात्रोंको ही आदर्श मानने लगी है । समाजको हिंसक बनानेवाले ऐसे चलचित्रोंका पूर्णतया बहिष्कार होना चाहिए तथा इन्हें प्रसारित होनेका प्रमाणपत्र ही नहीं मिलना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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