‘मेरी पत्नीको ‘मौलानाओं’ने मारपीटकर घरसे निकाल दिया, जिहादी उसकी हत्या भी कर सकते हैं’, जितेंद्र त्यागीने (पूर्वमें वसीम रिजवीने) कारागृहसे लगाई ‘गुहार’
२१ जनवरी, २०२२
हरिद्वार धर्म संसद प्रकरणमें कारागृहमें बन्द जितेंद्र नारायण त्यागी उपनाम वसीम रिजवीने आरोप लगाया है कि उनके परिवारको ‘तंग’ किया जा रहा है और कुछ जिहादी लोग उनकी पत्नीकी हत्या करना चाहते हैं । जितेंद्र त्यागीने ‘ट्वीट’कर लोगोंसे सहायता मांगी है ।
जितेंद्र त्यागीने अपने ‘ट्विटर हैंडल’से ‘ट्वीट’ करते हुए लिखा, “मैं कारागृहमें हूं, उधर मेरी पत्नीको ‘मौलानाओं’ने मारपीटकर अपने घरसे बाहर निकाल दिया । उनका साथ दिया ‘यूपी पुलिस’के ‘एएसआई’ जैदीने । आप लोग मेरे परिवारका साथ दें, जिहादी मेरी पत्नीकी हत्या भी कर सकते हैं । वे मेरे परिवारको भयभीत कर रहे हैं । मैं कारागृहमें बन्द हूं, आप लोग ही न्याय करें !”
इसके साथ ही जितेंद्र त्यागीने ‘ट्वीट’में उनकी पत्नी फरहा फातिमाकेद्वारा ‘पुलिस’के सामने किए गए परिवादकी ‘फोटो कॉपी’ भी साझा की है ।
पत्रमें कहा गया है, “२० जनवरी सांय साढे ५ बजेके आसपास मेरे घरमें कुछ कार्य चल रहा था, जिसमें मेरी ममेरी बहन निदा फातिमा (पुत्री रईस हुसैन) व अन्य घरमें कुछ कार्य करवा रही थी । अचानकसे शमील शम्सी, मीसम रिजवी, शबाब असगर, नकी हुसैन उपनाम अमित, गुलशन अब्बास, शहजाद, कियान रिजवी फैजी व सलमान मेरे घरमें घुस आए और मेरी ममेरी बहन निदाका कार्य करनेवाले बढईसे ‘गाली- गलौज’ करने लगे ।”
उन्होंने परिवाद पत्रमें लिखा, “मेरी बहनने इसकी सूचना मुझे दी । मैंने त्वरित ‘थाना’ सआदतगंजको चलभाष करके बता दिया और घरकी ओर भागी । वहां पूर्वसे उपस्थित लोग, जिनके नाम मैं पहले लिख चुकी हूं, मेरे साथ भी ‘धक्का मुक्की’ व ‘गाली-गलौज’ करने लगे, जबकि वहां उपस्थित ‘एसआई’ जैदी खडे मूकदर्शक बने देखते रहे और मैं विनती करती रही ।”
पुलिसमें कार्यरत कुछ भ्रष्ट अधिकारी भी जिहादियोंका साथ दे रहे है, जिसकारण अपने धर्म (सनातन धर्म) में लौट आए लोगोंमें भय है । शासन ऐसे लोगोंके विरुद्ध कठोर कार्यवाही करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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