छह आपणियोंपर चली प्रशासनकी ‘जेसीबी’ गांव सुराणामें पीडित हिन्दू समाजकी चेतावनीके पश्चात प्रशासनने सुध ली
२० जनवरी, २०२२
रतलाम जनपदके गांव सुराणामें हिन्दुओंके पलायनकी धमकी देनेके उपरान्त बुधवारको दिनमें हुई दोनों पक्षोंसे चर्चाके पश्चात सन्ध्याको प्रशासनने अतिक्रमणको ध्वस्त कर दिया । ‘जेसीबी’के माध्यमसे प्रशासन और ‘पुलिस’ने छह अतिक्रमण तोड दिए । इनमें नालेके ऊपर अतिक्रमणकर बनाई गई पण्यशालाएं (दुकानें) और एक शौचालय भी है ।
ज्ञातव्य है कि सुराणा गांवके हिन्दुओंने मुसलमानोंकी प्रताडनासे व्यथित होकर मंगलवारको जनपद मुख्यालय जाकर गांव छोडनेकी चेतावनी दी थी । इसके पश्चात रातको उन्होंने अपने घरों और पण्यशालाओंपर ‘बिकाऊ है’, ऐसा लिखवा भी दिया था । रातमें अचानक हुए परिवर्तनसे जनपद और ‘पुलिस’ प्रशासन गतिविधिमें आ गया । बुधवार सुबह जनपद अधिकारी कुमार पुरुषोत्तम और पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी सहित प्रशासनिक दल गांव पहुंचा और ‘पुलिस’ने त्वरित कार्यवाही करते हुए पुराने अपराधोंके आधारपर तीन धर्मान्धों मयूर खान, शेरू उपाख्य शेर अली और हैदर अलीपर धारा १५१ की कार्यवाही की गई ।
गांव सुराणामें नूतन ‘पुलिस’ चौकी बुधवारसे स्थापित कर दी गई है और चौकीपर कुल १३ लोगोंको नियुक्त किया गया है ।
धर्मान्धोंकी संख्या जहां भी थोडी अधिक होती है, वहींपर यह बहुसंख्यक हिन्दुओंको प्रताडित करने लगते हैं, यह सर्व विदित है । मध्य प्रदेशमें गृहमन्त्रीके संज्ञानमें आनेपर कार्यवाही हो गई; किन्तु यह स्थायी समाधान नहीं है । स्थायी समाधान केवल हिन्दुओंका शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूपसे सबल होना और संगठित होना ही है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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