मौलाना तौकीर रजाने ‘बाटला हाउस’में मारे गए आतङ्कियोंको अपने बच्चे बताते हुए ‘शहीद’की उपाधि देनेकी मांग की
१९ जनवरी, २०२२
मौलाना तौकीर रजा खांने ‘बाटला हाउस एनकाउंटर’को मिथ्या (फर्जी) बताते हुए अनर्गल वक्तव्य दिया है कि मुठभेडमें आतङ्कवादी नहीं मारे गए थे और पुलिस अधीक्षक महेश चंद्र शर्माकी हत्या पुलिसवालोंने ही की थी । तौकरीने मुठभेडमें मारे गए आतङ्कियोंको ‘शहीद’की उपाधि देनेकी मांग करते हुए कहा कि कांग्रेसको पुलिसके मनोबलकी चिन्ता थी, २० करोड मुसलमानोंके मनोबलकी नहीं । मारे गए आतङ्कियोंको तौकीरने अपने बच्चे बताया । उल्लेखनीय है कि ‘शहीद’की उपाधि उसे दी जाती है, जो इस्लामके लिए लडते हुए मारा जाता है ।
तौकीर रजाने जो कहा है वह भारतके अधिकांश मुसलमानोंके मनकी बात है । ये लोग इस्लामी आतंकको ‘जिहाद’ (इस्लामी धर्मयुद्ध) ही मानते हैं; इसीलिए मुसलमानी आतंकियोंका समर्थन सार्वजनिक रूपसे करते हैं । अब भी हिन्दुओंको इनका मन्तव्य समझमें नहीं आ रहा हो तो यह दुर्भाग्यपूर्ण ही होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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