चीनको भारतमें ‘मुसलमानों’के नरसंहारका छद्म प्रपञ्च, स्वयं उइगरोंके अंग बेचकर ‘कमा’ रहा, मुसलमान महिलाओंकी कराता है बलपूर्वक ‘नसबंदी’, सेवन कराता है मदिरा


१९ जनवरी, २०२२
चीन उइगर मुसलमानोंके साथ कैसी बर्बरतासे करता है इस विषयमें समूचा विश्व जानता है; किन्तु शी जिनपिंगके वामपन्थी शासनके मुखपत्र समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ने भारतमें मुसलमानोंको पीडित और प्रताडित बतानेका प्रयास किया है । ‘ग्लोबल टाइम्स’का कहना है कि भारतमें बहुसंख्यक हिन्दू समुदाय सतत अल्पसंख्यक मुसलमानों, ईसाइयों और अन्य धर्मके लोगोंको प्रताडित कर रहा है ।
भारतमें मुसलमानोंकी स्थितिपर प्रलाप करनेवाला चीन अपने यहां उइगर मसलमानोंके सुनियोजित नरसंहारसे विश्वका ध्यान भटकानेका निरर्थक प्रयासकर रहा है । यह सर्वविदित है कि चीन उइगर मुसलमानोंके अंगोंको बेच रहा है । ऑस्ट्रेलियाके मेलबर्न स्थित समाचार पत्र ‘द हेराल्ड सन’ने चीनके ‘ऑर्गन ट्रैफिकिंग’को उजागर किया था । प्रतिवेदनमें बताया गया था कि ‘उइगर मुसलमान’के स्वस्थ ‘लिवर’को चीन १.६० लाख डॉलर्समें (१.२० करोड रुपए) बेचा जा रहा है । इनसे चीनको १ ‘बिलियन’ डॉलर (७४९२ करोड रुपयोंकी) ‘कमाई’ हो रही है । २०१७-१९ के मध्य ८० सहस्र उइगर मुसलमानोंको देह व्यापारका ‘शिकार’ बनाया गया था । विशेष बात यह है कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोगको (UNHRC) भी चीनके इस कुकर्मकी जानकारी है ।
कुछ दिवस पूर्व ही चीनके शिनजियांग क्षेत्रमें अर्धरात्रिको बन्दी हुई उइगर महिला हसिएत अहमतको (५७) उसके पडोसके युवाओंको इस्लामिक शिक्षा देने और कुरानकी प्रतियां छिपानेके लिए १४ वर्ष कारागृहका दण्ड सुनाया गया था । यह भी समाचार आया था कि शिनजियांगमें मुसलमान महिलाओंको बलपूर्वक सूअरका मांस खाने और मदिरा पीनेके लिए विवश किया जाता है ।
     अहिन्दू पन्थों व राजनीतिक विचारधाराओंके प्रति हिन्दू समाजकी अति दयालुता व उदारताका ही दुष्परिणाम है कि हिन्दू समाजपर सर्वत्र निरर्थक आक्षेप लगाए जा रहे हैं; हिन्दू समाजको इनके प्रति सतर्क रहना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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