ईसाई ‘मिशनरी’ सेवाके नामपर मोल-तोलकर धर्मान्तरण करते हैं
२६ जनवरी, २०२२
तमिलनाडुके तंजावुरमें धर्मान्तरण करना अस्वीकार करनेसे ‘कॉन्वेंट’ विद्यालयद्वारा किए गए अत्याचारके कारण १७ वर्षीय लावण्या नामकी छात्राने जो आत्महत्या की है, इस छात्राके विषयमें छत्तीसगढके ‘भाजपा’ सचिव, साथ ही अखिल भारतीय घर’वापसी’के प्रमुख प्रबल प्रतापसिंह जुदेवने ‘ट्वीट’कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि हमारी युवतीके विषयमें तमिलनाडुमें जो कुछ भी हुआ, वह अक्षम्य है । ईसाई ‘मिशनरी’ सेवाके नामपर मोल-तोलकर हिन्दुओंका धर्मान्तरण करते हैं । इसका विरोध करना ही इसका एकमात्र उपाय है ।
इस मध्य नेताओंसे लेकर अभिनेत्ताओंतक, ‘सोशल मीडिया’से सडकोंतक, लावण्याको ‘न्याय’ दिलानेकी मांग तीव्र हुई है तथा, ‘ईसाई मिशनरियों’के विरुद्ध, समाजके अनेक वर्गोंद्वारा क्रोध व्यक्त किया जा रहा है ।
जिहादियोंकी भांति ईसाई ‘मिशनरियां’ भी सम्पूर्ण देशमें धर्मान्तरणमें लगी हुई हैं; किन्तु जहां केन्द्रीय शासनके विपरीत विपक्ष या क्षेत्रीय दलोंकी ‘सरकारें’ होती हैं तो वहां ये संस्थाएं भयमुक्त होकर धर्मान्तरण एवं अत्याचार करते हैं, जिसे वहांके शासनका भी अप्रत्यक्ष समर्थन मिला होता है । हिन्दुओं इसका सभी मंचोंपर वैध रूपसे विरोध करना ही तथा अपराधियोंके विरुद्ध कार्यवाहीके लिए विवश करना ही एकमात्र उपाय है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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