ससुर और सम्बन्धियोंने हिन्दू पतिको अपने बच्चों व पत्नीसे मिलनेके लिए ईसाई पन्थ स्वीकारनेको बाध्य कर किया भयादोहन
२६ जनवरी, २०२२
मारप्पा नामके एक हिन्दू युवकने अपने ससुर और अन्य सम्बन्धियोंके विरोधमें होसदुर्गा ‘थाने’में आरोप प्रविष्ट किया है । उसने आरोप लगाया है, कि उसके ससुर और सम्बन्धियोंने पत्नीके मायकेमें उसके बच्चे व पत्नीसे मिलनेका विरोध किया । ईसाई पन्थ स्वीकारनेपर ही उसे मिलने दिया जाएगा । उसने ससुर वसंत कुमार, सम्बन्धी रामचंद्रप्पा, सुधाकर, मंजूनाथ और संकप्पाके विरुद्ध ऐसा आरोप प्रविष्ट कराया है ।
मारप्पाने अपने आरोपमें कहा, “६ जुलाई २०२० को विवाहके समय, मेरी पत्नीके सम्बन्धियोंने मुझे जलमें डुबकी लगानेके लिए बाध्य किया । तदुपरान्त, उन्होंने घोषणाकी कि वे एक ईसाई बन चुके हैं । इसके उपरान्त उनको हिन्दू देवी-देवताओंके चित्रोंको फाडनेके लिए कहा गया तथा उनकी पूजाको निषिद्धकर उन्हें दिग्भ्रमित किया गया कि पूजन करनेसे नरकमें जाना पडता है । मारप्पाने पुलिससे उसकी पत्नी और बच्चेको सुरक्षित घरमें ‘वापस’ लानेकी अनुमति देनेकी मांग की है ।
कर्नाटक प्रशासन, उक्त प्रकरणमें पीडित मारप्पाको त्वरित न्याय प्रदान करना सुनिश्चित करे ! किसीको भी बलपूर्वक या भावनात्मक भयादोहनके माध्यमसे भी मतान्तरित करना अपराध है, जिसका दण्ड आरोपियोंको मिलना चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
Leave a Reply