‘डीयू’के हंसराज महाविद्यालयमें खुली ‘गोशाला’, छात्रोंको मिलेगा शुद्ध दूध-दही, वामपन्थी छात्र संगठन ‘एसएफआई’ने किया विरोध
२७ जनवरी, २०२२
देहली विश्वविद्यालयके प्रतिष्ठित हंसराज महाविद्यालयमें स्वामी दयानंद सरस्वती गो संवर्धन एवं अनुसन्धान केन्द्र स्थापित किया गया है । यहांपर न केवल गायोंपर अनुसन्धान किया जाएगा; अपितु छात्रोंको शुद्ध दूध और दही उपलब्ध कराया जाएगा । इसके अतिरिक्त परिसरमें प्रत्येक माह होनेवाले हवनके लिए शुद्ध घी भी मिल जाएगा ।
वहीं महाविद्यालयके छात्र महाविद्यालय परिसरमें स्थापित गोरक्षा एवं शोध केन्द्रका विरोध कर रहे हैं । सीपीआई (एम) के ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ने इस सम्बन्धमें वक्तव्य भी जारी किया, जिसमें कहा गया, “एसएफआई हंसराज बिना ‘शर्त’ एक गोशालाके निर्माणकी निन्दा और विरोध करते हैं । उसी स्थानपर जो एक महिला छात्रावासके लिए आरक्षित था, जिसका निर्माण कई वर्षोंसे रुका हुआ है । हमें यह घृणित लगता है कि हमारा महाविद्यालय प्रशासन सङ्घर्षरत छात्राओंके अतिरिक्त गायोंकी ‘संरक्षण और पदोन्नति’को प्राथमिकता देता है । उनके हितोंको इस प्रकारके अर्थहीन निर्णयके लिए पृथक किया जा रहा है ।”
प्रधानाचार्य डॉ. रमाने ‘एसएफआई’के आरोपोंका खण्डन किया है । उन्होंने कहा कि सर्वप्रथम बात तो यह है कि यह स्थान उनकी योजनाके अनुरूप छात्रावासके लिए बहुत छोटा है । यह छात्रावास नूतन १०० छात्राओंके लिए बनेगा । वहीं छात्र संघने कहा कि ‘गोशाला’को हटाने और लम्बे समयसे प्रस्तावित महिला छात्रावासका निर्माण आरम्भ करनेके लिए शीघ्र एक आक्रामक अभियान आरम्भ किया जाएगा ।
हंसराज महाविद्यालय एक आर्य समाज आधारित महाविद्यालय है । ऐसेमें वामपन्थी छात्र संगठनद्वारा गो संवर्धनका इस प्रकार विरोध करना दर्शाता है कि इस संगठनकी मानसिकता गोमाताकी विरोधी है; अतः महाविद्यालयको गो संवर्धनके निर्णयका पालन करना चाहिए और महिला छात्रावासके निर्माणके लिए भी योजनाबद्ध प्रकारसे कार्य करना चाहिए, जिससे ऐसे छात्र संगठनोंके मुखपर ‘ताला’ लगे । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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