टीपू सुलतान खलनायक ही था और खलनायक ही रहेगा, अधिवक्ता सतीश देशपांडे
५ फरवरी, २०२२
हिन्दू जनजागृति समितिद्वारा क्रूर टीपू सुलतान, दक्षिण भारतका औरंगजेब ? इस विषयपर ‘ऑनलाइन’ विशेष संवाद आयोजित किया गया था । इसमें इतिहास और संस्कृतिके अभ्यासक-लेखक तथा अधिवक्ता सतीश देशपांडेने कहा कि टीपू सुलतान और औरंगजेबको भारतीय संस्कृतिसे कुछ लेना-देना नहीं था । टीपूके शासनकालमें हिन्दुओंके मन्दिरोंका विध्वंस किया गया, हिन्दुओंकी हत्या की गई, हिन्दू महिलाओंके साथ दुष्कर्म किए गए, हिन्दुओंका बलपूर्वक धर्मान्तरण किया गया । टीपू सुलतानने हिन्दू संस्कृतिके विनाशका ही कार्य किया है, यह इतिहासमें उपलब्ध है । ऐसी स्थितिमें टीपूका भारतीयकरणकर, उसे आदर्श मानकर कोई राष्ट्रीय नायक बनानेका प्रयत्न कर रहा हो, तो यह भारतीयोंके जलेपर ‘नमक’ छिडकनेके समान है । भारत कभी टीपूको नायकके रूपमें स्वीकार नहीं करेगा । टीपू खलनायक था और खलनायक ही रहेगा ।
हिन्दुओं शिथिलता और सद्गुण विकृतिके कारण स्वयंकी बहुत हानि कर ली है । क्रूरकर्मा टीपूका महिमामण्डन इस देशमें नहीं होना चाहिए । टीपूका उदात्तीकरण रोकना सभी हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों और सर्व हिन्दुओंका दायित्व है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
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