राहुल गांधीने सरस्वती पूजापर की ‘हिजाब’की बात,  वसन्त पंचमीपर किसानका चित्र किया साझा और हिन्दू देवी ‘गायब’ 


५ फरवरी, २०२२
      राहुल गांधीने शनिवारको (५ फरवरी २०२२ को) ‘ट्वीटकर लोगोंको वसन्त पंचमी और सरस्वती पूजाकी शुभकामनाएं दीं । उन्होंने ‘ट्वीट’ किया, “किसानका श्रम रंग लाता है, जब भूमिपर फसल ‘शान’से लहलहाती है । सभीको वसन्त पंचमी व सरस्वती पूजाकी शुभकामनाएं !”
      वास्तवमें, सरस्वती पूजाकी आडमें यहां भी राहुल गांधीने राजनीतिक खेल करनेका प्रयास किया; किन्तु ‘सोशल मीडिया यूजर’ने उन्हें पकड लिया । बात यहींतक रहती तो कोई बात नहीं थी; परन्तु उन्होंने सरस्वती पूजाको ‘हिजाब’से जोड दिया ।
     सरस्वती पूजाकी शुभकामना देनेके दो घण्टेके भीतर राहुल गांधीने सरस्वती पूजाको ‘हिजाब’से जोडते हुए ‘ट्वीट’ किया, “छात्राओंकी शिक्षाके मध्य ‘हिजाब’को आने देना भारतकी बेटियोंका भविष्य नष्ट करने जैसा है । मां सरस्वती सबको ज्ञान देती है, किसीमें भेदभाव नहीं करती ।”
      बता दें कि कर्नाटकमें ‘हिजाब’ विवादपर प्रदेशके पूर्व मुख्यमन्त्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैयाने इसे मुसलमान छात्राओंका मौलिक अधिकार बताया था ।
      यह पहली बार नहीं है, जब राहुल गांधीने ‘अनजाने’में ऐसा किया हो । राहुल गांधी जब भी हिन्दू उत्सवोंकी शुभकामनाएं देते हैं, तब उससे जुडे हिन्दू देवी-देवताके चित्र हटा देते हैं । ये आरोप ‘सोशल मीडिया’पर उनपर लगते रहते हैं । गत वर्ष गणेश चतुर्थीपर भी उन्होंने लोगोंको शुभकामनाएं दी थीं; किन्तु भगवान गणेशका चित्र लगानेसे बचते दिखे ।
       राहुल गांधीको यह लगता है कि वे आज भी हिन्दुओंको छल लेंगे तो उन्हें यह भ्रम निकाल देना चाहिए । हिन्दू अब संगठित और जाग्रत होने लगे हैं और सभी प्रपंचोंको समझने लगे हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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