राजमिस्त्री शमशुद्दीनने अपहरणके पश्चात ३ माहतक किया अवयस्कके साथ दुष्कर्म, पृथक-पृथक स्थानपर ले गया, ‘पुलिस’ने बनाया बन्दी


१० फरवरी, २०२२
उत्तराखंडके देहरादूनमें ‘पुलिस’ने एक युवकको अवयस्कके अपहरण एवं दुष्कर्मके प्रकरणमें बन्दी बनाया है । ‘पुलिस’ने आरोपितको ‘पॉक्सो’ अधिनियमके अन्तर्गत लुधियानासे बन्दी बनाया । साथ ही पीडिताको भी सकुशल छुडा लिया है । ‘पुलिस’ने आरोपित और पीडिताका चिकित्सकीय परीक्षण कराकर आरोपितको कारागृह भेज दिया है ।
ज्ञात हो कि देहरादूनके बसंत विहार क्षेत्र निवासी एक व्यक्तिने २८ अक्टूबर २०२१ को ‘पुलिस’में परिवाद किया था कि हरिद्वारके पिरान कलियर निवासी शमशुद्दीन उपनाम छोटू, क्षेत्रमें राजमिस्त्रीका कार्य करता था । वह उनकी १६ वर्षीय बेटीका अपहरण कर कहीं ले गया है । परिवाद मिलनेपर ‘पुलिस’ने लापता किशोरीकी खोज आरम्भ कर दी । इस मध्य आरोपित शमशुद्दीनने अपना चलभाष भी बन्द कर दिया था ।
निरन्तर कई माहकी जांचके पश्चात ‘पुलिस’को आरोपितके लुधियानामें होनेकी सूचना मिली । ‘पुलिस’द्वारा पृथक-पृथक दलोंका गठनकर खोज आरम्भ की गई । ‘पुलिस’ दलने ‘सीसीटीवी’ छायाङ्कन और चलभाष आवेक्षणकी सहायता सहित गुप्तचरकी सूचनाके आधारपर रविवार, ६ फरवरी २०२२ को लुधियानासे आरोपितको बन्दी बना लिया है । साथ ही अवयस्कको छुडा लिया । ‘पुलिस’से पूछताछमें आरोपितने बताया कि वह क्षेत्रमें राजमिस्त्रीका कार्य करता था । अवयस्कका अपहरणकर उसने ३ माहतक पृथक-पृथक स्थानोंपर रखकर दुष्कर्म किया । थानाध्यक्षने बताया कि आरोपितके विरुद्ध दुष्कर्म व ‘पॉक्सो’की धारा भी लगा दी गई है ।
       कोई भी प्रदेश हो या देश हो एवं महिला किसी भी आयुकी हो; परन्तु जिहादियोंसे सुरक्षित नहीं हैं । ‘वोटबैंक’की राजनीतिके कारण इन धर्मान्धोंको राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होता है । यह स्थिति बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है । इन अपराधोंके समूल नाशके लिए हिन्दूराष्ट्र कितना आवश्यक है ? यह दिन प्रतिदिनकी इन घटनाओंसे ज्ञात होता है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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