संसदमें उठा किशन भरवाडकी हत्याकी प्रकरण, ‘बीजेपी’ सांसदने बताया सुरेश चव्हाण और यति नरसिंहानंद भी ‘इस्लामी’ कट्टरपन्थियोंके लक्ष्य


१० फरवरी, २०२२
       ‘भारतीय जनता पार्टी’के राज्यसभा सांसद कैलाश सोनीने गुरुवारको (१० फरवरीको) सदनमें शून्यकालके मध्य गुजरातके चर्चित किशन भरवाड हत्याका प्रकरण उठाया । उन्होंने गुजरात ‘एटीएस’के प्रतिवेदनका उदाहरण देते हुए इस हत्याकाण्डको उत्तर प्रदेशमें हुई कमलेश तिवारीकी हत्या जैसा ही बताया । इस मध्य कैलाश सोनीने गुजरातके एक अग्रणी सान्ध्य दैनिक समाचार पत्र ‘गुजरात मिरर’के प्रतिवेदनका (रिपोर्टका) भी उल्लेख किया ।
      बता दे कि कमलेश तिवारीकी हत्या उनके लखनऊ स्थित आवासपर ‘इस्लामी’ ‘चरमपन्थियों’द्वारा १८ अक्टूबर २०१९ को ईशनिन्दाके आरोपमें कर दी थी । वहीं, ‘चरमपन्थियों’ने किशन भरवाडकी हत्या अहमदाबादके धंधुकामें कर दी थी । किशन भरवाडने मुसलमानोंके ‘पैगम्बर मोहम्मद’से सम्बन्धित एक ‘पोस्ट’ की थी । इसको ‘चरमपन्थियों’ने ईशनिन्दा बताया था ।
       ‘एटीएस’के इस प्रतिवेदनके अनुसार, ‘मौलाना’ शब्बीरने किशनकी हत्या करनेवाले आरोपितोंको ११ लोगोंकी हत्या करनेका ‘ठेका’ दिया था । इनमें सुदर्शन ‘टीवी चैनल’के ‘सीएमडी’ सुरेश चव्हाण और यति नरसिंहानंद सम्मिलित हैं । इस ‘रिपोर्ट’में कहा गया है कि पकडे गए आरोपितोंके लक्ष्यपर बीएस पटेल, पंकज शर्मा, पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ, महेंद्रपाल आर्य, राहुल शर्मा, राधेश्याम आचार्य, उपदेश राणा, उपासना आर्य और रॉ (R&AW के) पूर्व अधिकारी आरएसएन सिंह भी थे ।
      जिसने भी जिहादियोंके सत्यको उजागर करनेका प्रयास किया, उनकी हत्या कर दी गई अथवा उनकी हत्याका ‘फतवा’ प्रकाशित किया गया । भारतमें रह रहे ये कट्टरपन्थी लोग देशके लिए घातक है; क्योंकि ये संविधानको भी नही मानते; अतः ऐसे ‘फतवा’ प्रकाशित  करनेके पक्षधर लोगोंके विरुद्ध कठोर कार्यवाही होनी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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