१३ फरवरी, २०२२
बांग्लादेशके चटगांवमें एक हिन्दू परिवारके ५ लोगोंकी मंगलवारको तीव्र गतिसे आते वाहनसे टक्करके कारण मृत्यु हो गई, जबकि अन्य तीन गम्भीर रूपसे चोटिल हैं । माना जा रहा है कि इस दुर्घटनाको षड्यन्त्रके अन्तर्गत नियोजित किया गया था । वाहन चालकने टक्कर इतनी तीव्रतासे मारीके ५ लोगोंकी दुर्घटना स्थलपर ही मृत्यु हो गई । पीडित परिवारकी सदस्य मुन्नी सुशीलने इस प्रकरणको हत्या बताते हुए ‘टारगेट अटैक’ कहा है । दुर्घटनामें जिन पांच भाइयोंकी मृत्यु हुई है । उनके नाम है अनुपम सुशील, निरुपम सुशील, दीपक सुशील, चंपक सुशील व स्वर्ण सुशील । वहीं गत दस दिन पूर्व ही उनके पिता सुरेश सुशीलकी भी मृत्यु हुई थी । अपने पिताके अन्तिम संस्कारके अन्तर्गत किसी विधिको करनेके पश्चात वह मन्दिरसे लौट ही रहे थे, जब प्रातः ५ बजे वाहनचालकने आकर उनके ऊपर वाहन चढा दिया । दुर्घटनाके दिनके विषयमें बताते हुए चोटिल बहन हीरा सुशील कहती हैं कि हमारे ६ भाई व एक बहन ‘सडक’की २ ‘फुट’ दूरीपर थे, जब ‘पिकअप’ने आकर उन्हें टक्कर मारी । इसके पश्चात वह लौटा और भाइयोंको पुनः कुचल दिया । मुन्नीने यह भी बताया कि गत ४ दिनोंसे उन्होंने कुछ नहीं खाया है एवं वह अपने परिवारके बच्चोंको देखकर अत्यधिक दुःखी है । उनके अनुसार उनका पूरा परिवार अमानवीय स्थितिमें जी रहा है । हत्याका कारण उनके भाई दीपक सुशीलद्वारा हसीनापारा क्षेत्रमें छोटासा मन्दिर बनानेका प्रयास है, जिसके लिए वह ४००० ‘ईंटें’ व ‘बजरी’ लेकर आया था और इस कारण क्षेत्रके मुसलमान उनके परिवारसे क्रोधित हो गए थे । उल्लेखनीय है कि यह प्रथम बार नहीं है, जब इस प्रकार हिन्दुओंको प्रताडित किया गया हो । गत वर्ष १३ अक्टूबर २०२१ को भी इसी प्रकार हिन्दुओंका दुर्गा पूजाके मध्य नरसंहार किया गया था ।
समाचार इस्लामिक राष्ट्रोंमें हिन्दुओंकी दयनीय स्थितिका भयावह वर्णन करता है । अब सभी हिन्दू संगठित होकर केन्द्र शासनपर दबाव डालें कि वह नरकमें जीवन व्यतीत कर रहे हमारे हिन्दू भाई बहनोंको भारतमें लाकर पुनर्वास हेतु अति शीघ्र नियोजन करे ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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