‘बुर्का’ विवादके समर्थनमें काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे ‘कांग्रेस’के विधायक, शिक्षकोंके संग अभद्रता करते दृष्टिगत हुए मुसलमान अभिभावक 


१४ फरवरी, २०२२
       ‘बुर्का’ प्रकरण अन्तर्गत आज कर्नाटकके अनेक जनपदोंमें विद्यालयोंके समीप धारा १४४ लगा दी गई है । उड्डपी, शिवमोगा व दक्षिण कन्नडके जनपदोंमें यह प्रतिबन्ध लगाया गया हैं । आज विधानसभामें ‘कांग्रेस’के विधायकोंने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया । वहीं मांड्याके रोटरी विद्यालयके बाहर भी मुसलमान छात्रोंके अभिभावक विद्यालयके शिक्षकोंसे अभद्रताकी एवं उनसे विवाद करते हुए दृष्टिगत हुए । विद्यालयकी छात्राओंको भीतर आनेसे पूर्व ‘हिजाब’ उतारनेका निर्देश था, जिसके कारण वहां विवाद हुआ । अभिभावकोंका कहना था कि बालिकाएं कक्षाके भीतर जाकर हिजाब उतार देंगी; परन्तु विद्यालयने ‘हिजाब’के साथ उन्हें प्रवेश नहीं दिया । तमिलनाडुमें भी अनेक ‘इस्लामी’ संगठनोंने कर्नाटक शासनके विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया । कोयंबटूरमें ‘येगातुवा मुस्लिम जमातके अन्तर्गत अनेक मुसलमान महिलाओंने राष्ट्रध्वज लेकर विरोध प्रदर्शन किया । वहीं कर्नाटकके उड्डपीमें कुछ छात्रोंका कहना था कि प्रदर्शनकारी शान्ति भंग करना चाहते हैं; अतः हमारी ‘ऑनलाइन’ कक्षाएं आरम्भ की जाएं ! कर्नाटकके गृहमन्त्री अरगा ज्ञानेंद्रने कहा है कि याचिका प्रविष्ट करनेवालोंके कुछ संगठनोंसे सम्बन्ध हैं एवं इस विषयपर जानकारी एकत्रित की जा रही हैं । उन्होंने यह भी कहा कि भडकाऊ वक्तव्य पाए जानेपर उनके विरुद्ध कार्यवाही होगी । वहीं केन्द्रीय विदेश मन्त्रालयने भी विदेशसे आ रहे वक्तव्योंपर कहा है कि यह हमारा निजी प्रकरण है; अतः किसीका हस्तक्षेप अस्वीकार्य है ।
      कांग्रेसके विधायक, आज मुसलमानोंके तुष्टीकरणके लिए, उनकी अनुचित मांगका समर्थन कर रहे हैं, जो कांग्रेसके विनाशका कारण बनेगी । कभी ‘फटी जिंस’का समर्थन करनेवाली कांग्रेस, एक ओर जहां हिजाबका समर्थन कर रही है, वहीं राजस्थानमें इनके मन्त्री ‘घूंघट प्रथा’ समाप्त करनेपर लाखों रुपये ग्राम पंचायतोंको देनेकी घोषणा कर रहे हैं । वस्तुतः कांग्रेस स्वयं भ्रमित है और अब कांग्रेसका विनाश कोई रोक नहीं सकता; क्योंकि इसे कभी समर्थन देनेवाली जनता सब देख रही है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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